अयोध्या

अयोध्या भूमि विवाद : 18 मार्च को ही 8 करोड़ में खरीदा गया था एक और जमीन का टुकड़ा

Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust का हरीश पाठक और कुसुम पाठक से सीधे हुआ था सौदा, गाटा संख्या 242 में से 1.037 हेक्टेयर भूमि का हुआ बैनामा
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Jun 17, 2021
ayodhya ram mandir trust bought another plot on 18 march 2021

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने अयोध्या के बाग बगेसर में 18 मार्च 2021 को एक और जमीन खरीदी थी। एक जमीन 1.208 हेक्टेयर है जिसके लिए 18.5 करोड़ रुपए दिए गए। जबकि, दूसरा सौदा 1.037 हेक्टेयर का हुआ। इसके लिए 8 करोड़ रुपए दिए गए। इसे सीधे हरीश पाठक और कुसुम पाठक से ट्रस्ट ने खरीदा। यह जमीन 2017 से पाठक दंपति के नाम थी। दोनों खरीद में ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह हैं। बाग बगेसर की इन दोनों जमीनें गाटा नंबर 242, 243, 244 और 246 का हिस्सा हैं। 1.208 हेक्टेयर जमीन गाटा नंबर 243, 244 और 246 और 1.037 हेक्टेयर जमीन गाटा नंबर 242 का टुकड़ा है। यह जमीन सितबंर 2019 में हुए एग्रीमेंट का हिस्सा है।

नौ के नाम लेकिन सौदा से सब गायब
यह एग्रीमेंट हरीश, कुसुम पाठक व 9 अन्य लोगों के बीच हुआ था। इनमें इच्छा राम सिंह, विश्व प्रताप उपाध्याय, मनीष कुमार पुत्र राम तीरथ, सूबेदार दुबे पुत्र राम सूरज दुबे, बलराम यादव पुत्र तुलसीराम यादव, राजेंद्र प्रसाद यादव पुत्र छेदीलाल, रविंद्र कुमार दुबे, सुल्तान अंसारी और राशिद हुसैन पुत्र सादिक हुसैन हिस्सेदार थे। लेकिन इन 9 लोगों में रवि मोहन तिवारी का नाम नहीं है। हालांकि, कुसुम पाठक और हरीश पाठक का रवि मोहन तिवारी के साथ कोई एग्रीमेंट नहीं हुआ। सुल्तान अंसारी के साथ एग्रीमेंट हुआ और रवि मोहन बाद में शामिल हुए। एग्रीमेंट के वक्त जमीन की कीमत 2 करोड़ रुपये थी।

18 मार्च को कैंसिल हो चुका था एग्रीमेंट
आप सांसद संजय सिंह के अनुसार यह एग्रीमेंट 18 मार्च 2021 को कैंसिल हो चुका है। बावजूद इसके 18 मार्च को ही सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने शाम 7.10 बजे 1.208 हेक्टेयर जमीन 2 करोड़ रुपए में खरीदी और शाम 7.15 बजे 18.50 करोड़ रुपए में ट्रस्ट को बेच दी।

11 साल से अटका था दाखिल खारिज
जो जमीन खरीदी गयी वह विवादित थी। 2019 तक हरीश पाठक के जमीन सौदों पर कुल 9 मुकदमे दर्ज हुए। हरीश पाठक और कुसुम पाठक 2011 से लगातार इस जमीन का सौदा कर रहे थे। 20 नवंबर 2017 को एक एग्रीमेंट 2 करोड़ 16 लाख में हुआ जो बाद में रद्द हो गया। इन्हीं विवादों के चलते हरीश और कुसुम इस जमीन को 11 सालों में दाखिल खारिज नहीं करा पाए। लेकिन, ट्रस्ट से सौदा होते ही दाखिल खारिज हो गया।

सर्किल रेट से तीन गुना दाम
ट्रस्ट ने 2 करोड़ की जो जमीन 18.5 करोड़ में खरीदी उसका सर्किल रेट 5 करोड़ 80 लाख है। हालांकि, ट्रस्ट का कहना है कि जमीन की कीमत मार्केट रेट से काफी कम है।

यह है नियम
राजस्व विभाग के अनुसार सरकार किसी भी जमीन लेती है तो शहरी क्षेत्र में सर्किल रेट से दोगुना और ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना से ज्यादा मुआवजा नहीं दिया जाता। लेकिन ट्रस्ट ने सर्किल रेट से तीन गुना ज्यादा पैसा दिया।

Published on:
17 Jun 2021 04:05 pm
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