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Ram Mandir Donation Dispute: ‘दोषियों को सरकारी गवाह बनाकर बचाने का काम किया गया’, चंपत राय को लेकर बोले राकेश सिन्हा

Ram Mandir Donation Dispute: राम मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपा-कांग्रेस पर दिए बयान के बाद यूपी में सियासी घमासान तेज हो गया। संजय निषाद और भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने बयान का समर्थन किया, जबकि अतुल प्रधान और कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भाजपा पर पलटवार किया।
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चंपत राय फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Ram Mandir Donation Dispute: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से राम मंदिर और सपा-कांग्रेस को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश में सियासी प्रतिक्रिया तेज हो गई है। भाजपा नेताओं और राज्य सरकार के मंत्री ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया है, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने पलटवार करते हुए भाजपा पर भगवान राम के नाम के राजनीतिक इस्तेमाल और मंदिर से जुड़े चंदे के मामले को लेकर सवाल उठाए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 सितंबर को लखनऊ में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन कार्यक्रम में सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रण के बावजूद दोनों दलों के नेता शामिल नहीं हुए।

संजय निषाद बोले- राजनीति में भाषा पर संयम जरूरी

मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि राजनीति में नेताओं को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता से वोट काम के आधार पर मांगना चाहिए, न कि उसे गुमराह करके या गलत संदेश देकर। संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को उचित बताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को अपने काम और नीतियों के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए।

भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने विपक्ष पर साधा निशाना

भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने राम मंदिर के मुद्दे पर सपा-कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आने के साथ उन शक्तियों को भी राम की याद आने लगी है, जो उनके अनुसार पहले राम मंदिर आंदोलन के विरोध में रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के समय सुप्रीम कोर्ट में रामलला के अस्तित्व और प्रमाण को लेकर सवाल उठाए गए थे। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि चुनाव के समय अब विपक्षी दल राम मंदिर की बात कर रहे हैं।

‘राम मंदिर चढ़ावा मामले में कार्रवाई हुई’

प्रतुल शाहदेव ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की गई और SIT ने चार्जशीट दाखिल की।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जांच चलने और चार्जशीट दाखिल किए जाने को लेकर हालिया अदालती कार्यवाही में भी जानकारी सामने आई है। सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। भाजपा नेता ने इसे लेकर आगे कहा कि राजनीतिक संघर्ष अब ‘रामद्रोहियों और राम भक्तों’ के बीच होने वाला है।

अतुल प्रधान बोले- समाजवादी भगवान को मानते हैं

सपा विधायक अतुल प्रधान ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग भगवान में आस्था रखते हैं, लेकिन भगवान के नाम पर वोट नहीं मांगते। अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान के नाम पर वोट मांगती है। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चंदे और चढ़ावे को लेकर भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

‘राम के नाम की नाव पर बैठकर सरकारें बनाईं’

अतुल प्रधान ने कहा कि भाजपा ने भगवान श्रीराम के नाम को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करते हुए देश और राज्यों में सरकारें बनाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम के साथ सबसे ज्यादा छल भाजपा के लोगों ने किया। सपा विधायक ने अपने बयान में ‘चंदा चोरी’ और ‘चढ़ावा चोरी’ जैसे आरोप भी लगाए। ये आरोप अतुल प्रधान की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं।

कांग्रेस ने भी भाजपा पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भी राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा को गवाह बनाकर सरकार ने उन्हें क्लीनचिट दी। राकेश सिन्हा ने दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सरकारी गवाह बनाकर बचाने की कोशिश की गई।

राम मंदिर मुद्दे पर फिर आमने-सामने भाजपा-विपक्ष

राम मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता जहां राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या से जुड़े अपने राजनीतिक रुख को सामने रख रहे हैं, वहीं सपा और कांग्रेस के नेता भाजपा पर राम के नाम को राजनीति से जोड़ने और चढ़ावे के मामले में सवाल उठा रहे हैं।

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