अयोध्या

कंगना रनौत-शिवसेना विवाद: संतों की धमकी, अयोध्या न आएं उद्धव ठाकरे

अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बीच हुए विवाद में अयोध्या (Ayodhya) के संत खुलकर उद्धव ठाकरे के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
2 min read
• •
Sep 11, 2020
Kangana Uddhav
Kangana Uddhav

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
अयोध्या. अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बीच हुए विवाद में अयोध्या (Ayodhya) के संत खुलकर उद्धव ठाकरे के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे अयोध्या न आएं। यदि वे यहां आते हैं तो स्वागत नहीं विरोध होगा। संतों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने कंगना का दफ्तर तोड़कर ठीक नहीं किया।

अयोध्या के संतों और विश्व हिंदू परिषद ने घोषणा की है कि उद्धव को अयोध्या आने पर विरोध झेलना पड़ेगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कंगना रनौत को देश की बेटी बताया है। उन्होंने भी उद्धव ठाकरे को अयोध्या न आने की धमकी दी है। महंत गिरी ने कहा है कि कंगना रनौत बहादुर और हिम्मती बेटी है। जिन्होंने बॉलिवुड के माफियाओं और ड्रग माफियाओं के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इससे न केवल बॉलिवुड के माफिया डर गए हैं, बल्कि सरकार के भी कदम उखड़ रहे हैं।

गिरि ने कहा कि कंगना रनौत की ओर से कहे सच को दबाने के लिए उद्धव ठाकरे सरकार ने कंगना के कार्यालय पर बुलडोजर चलवाया है और बदले की कार्रवाई की है। गिरि ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। पालघर में दो साधुओं की हुई हत्या के मामले में भी महाराष्ट्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि कंगना रनौत की इस लड़ाई में साधु-संत और पूरा देश उनके साथ है।

हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कंगना के दफ्तर को तोडऩे का विरोध करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे या शिवसेना का कोई भी नेता अयोध्या आया तो उनका विरोध होगा। संत उनकी करतूत के खिलाफ हैं। बीएमसी ने कंगना का दफ्तर तोड़कर अच्छा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना समय दिए कंगना का दफ्तर गिरा दिया और पालघर में साधुओं की हत्या मामले में कोई सख्त ऐक्शन नहीं लिया। महंत कन्हैया दास ने कहा, उद्धव ठाकरे का अयोध्या में स्वागत नहीं होगा। अब वह शिवसेना वह नहीं रही, जो कभी बालासाहेब ठाकरे के अधीन हुआ करती थी।

Published on:
11 Sept 2020 06:01 pm
Also Read
View All
Ram Mandir Donation Dispute: ‘दोषियों को सरकारी गवाह बनाकर बचाने का काम किया गया’, चंपत राय को लेकर बोले राकेश सिन्हा

PM मोदी के ‘मन की बात’ में अशोक सिंघल के जिक्र पर परमहंस आचार्य का बयान, बोले- अकेले चले थे सिंघल, जुड़ता गया कारवां

Ram Mandir Donation Case: चंपत राय, अनिल मिश्र को गवाह बनाए जाने पर ट्रस्ट सदस्य दिनेन्द्र दास का बड़ा बयान, बोले- गलती है तो दंड दें

’73 हजार पन्नों की रिपोर्ट आ चुकी है’, आलोक कुमार बोले- अब राम मंदिर चंदा चोरी मामले को विधानसभा चुनाव का मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है

विकास और कानून व्यवस्था में यूपी बना नंबर-1, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का अखिलेश सरकार पर बड़ा हमला