
Ayodhya Sawan Mela 2026: गुरु पूर्णिमा और श्रावण मास की शुरुआत से पहले अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन में किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि मंदिर में रामलला के दर्शन नियमित और व्यवस्थित तरीके से कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रतिदिन निर्धारित परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। पुजारी विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं, जबकि संत-महंत भी मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि सावन माह के दौरान आयोजित होने वाले झूला उत्सव की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी रामलला को चांदी के झूले पर विराजमान कर झुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन और मंदिर प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सावन झूला मेले के दौरान भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या के सर्किल अधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को नौ सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे की जाएगी।
सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अगले आदेश तक नदी में सभी प्रकार की नौकायन गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें।