
ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास और राम मंदिर फोटो सोर्स ANI & पत्रिका
Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। रामलला पूजा समिति में अयोध्या के संतों को शामिल किया गया है। वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया है। ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि दर्शन और दान व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने व्यवस्था में किसी कमी से इनकार करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं।
अयोध्या में राम मंदिर की पूजा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। रामलला पूजा समिति में अयोध्या के संतों को शामिल किया गया है। इस फैसले को मंदिर की धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हनुमानगढ़ी के महंत कमल नयन दास जी महाराज ने बताया कि हाल ही में हुई बैठक में अयोध्या के कुछ संतों के नाम सामने आए हैं। जिन्हें पूजा समिति में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति की जिम्मेदारी केवल मंदिर के प्रबंधन, व्यवस्था और देखरेख तक सीमित रहेगी। पूजा-पाठ की व्यवस्था पहले की तरह सुचारू रूप से चलती रहेगी।
महंत कमल नयन दास ने यह भी कहा कि रामलला की पूजा पूरी विधि-विधान से हो रही है। भविष्य में पुजारियों को और बेहतर प्रशिक्षण देने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक अनुभव मिल सके और मंदिर की परंपराओं का पूरी तरह पालन हो।
इसी बीच, मंदिर की दान और दर्शन व्यवस्था को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि मंदिर में दर्शन व्यवस्था में लगातार सुधार हुआ है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि दान व्यवस्था भी पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही है। वर्तमान समय में किसी प्रकार की कमी नहीं है। सभी कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ रहे हैं। दिनेंद्र दास ने कहा कि पहले कुछ लोगों ने व्यवस्थाओं में कमियों की बात कही थी। लेकिन ट्रस्ट की ओर से कोई लापरवाही नहीं थी।
उनके अनुसार, मंदिर परिसर में बैंक कर्मी और पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। यदि कहीं कोई कमी रही भी होगी। तो वह ट्रस्ट की ओर से नहीं थी। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर की सभी व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। राम मंदिर से जुड़े इन दोनों बयानों के बाद साफ है कि ट्रस्ट अब व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ संत समाज की भागीदारी भी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Updated on:
23 Jul 2026 01:30 pm
Published on:
23 Jul 2026 01:30 pm
