अयोध्या

गुप्तार घाट पर भगवान राम ने ले ली थी जलसमाधि, आज भी यहां शांत बहती है सरयू

- UP Travel Guide- धार्मिक ही नहीं पर्यटन के नजरिये से भी महत्वपूर्ण है अयोध्या का गुप्तार घाट- गुप्तार घाट के पास ही मिलिट्री मन्दिर, कम्पनी गार्डन, राजकीय उद्यान और अन्य प्राचीन मन्दिर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं
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Updated: 2 Sep 2019, 3:27 PM IST
Guptar Ghat
भगवान की स्मृतियों को समेटे राम नगरी में वैसे तो कई दर्शनीय स्थल हैं, लेकिन गुप्तार घाट की अपनी अलग ही विशेषता है

अयोध्या. रामनगरी अयोध्या का जिक्र आते ही आपके दिल-दिमाग में भगवान राम के जन्मस्थली की तस्वीर कौंध जाएगी, जहां वह बाल लीलायें किया करते थे। भगवान की स्मृतियों को समेटे राम नगरी में वैसे तो कई दर्शनीय स्थल (UP Travel Guide) हैं, लेकिन गुप्तार घाट (Guptar Ghat) की अपनी अलग ही विशेषता है। यह वह घाट है, जहां भगवान श्रीराम ने जलसमाधि ली थी। सरयू नदी के किनारे स्थित गुप्तार घाट पर कई छोटे-छोटे मन्दिरों के साथ यहां का सुन्दर दृश्य मन को मोह लेने वाला है। मुक्ति पाने की इच्छा लेकर इस स्थान पर दर्शनार्थी आते हैं। 19वीं सदी में राजा दर्शन सिंह द्वारा गुप्तार घाट का नवनिर्माण करवाया गया था। इस घाट पर राम जानकी मंदिर, पुराने चरण पादुका मंदिर, नरसिंह मंदिर और हनुमान मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र हैं।

गुप्तार घाट के पास ही मिलिट्री मन्दिर, कम्पनी गार्डन, राजकीय उद्यान और अन्य प्राचीन मन्दिर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। नौका विहार और लम्बे रेतीले मैदानों के इर्द-गिर्द हरियाली व शान्त वातावरण और सूर्यास्त की निराली छटा लोगों को बरबस अपनी ओर खींच लेती है। बक्सर की युद्ध विजय के बाद तत्कालीन नवाब शुजा-उद-दौला द्वारा निर्मित ऐतिहासिक किला, गुप्तार घाट से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है।

...जब अयोध्या उजड़ सी गई थी
मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के साथ ही कीट-पतंग तक उनके दिव्य धाम चले गये, जिसके चलते अयोध्या उजड़ सी गई थी। बाद में उनके पुत्र कुश ने इस नगरी को फिर से बसाया। प्राचीन इतिहास के मुताबिक, महाराज विक्रमादित्य ने अयोध्या नगरी को बसाया था। अयोध्या में गुप्तार घाट के अलावा ऋणमोचन घाट, लक्ष्मण घाट, शिवाला घाट, जटाई घाट, अहिल्याबाई घाट, धौरहरा घाट, नया घाट और जानकी घाट काफी मशहूर हैं।

ऐसे पहुंचे अयोध्या
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 140 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में अयोध्या स्थित है। रेल यातायात के अलावा यहां 24 घंटे के लिए यहां रोडवेज बस सेवा भी उपलब्ध है। लखनऊ के आलमबाग और कैसरबाग बस अड्डे से उत्तर प्रदेश परिवहन की बसें हर 10 मिनट में और रेल सेवा हर घंटे पर उपलब्ध है। यहां के प्रमुख रेलवे स्टेशन अयोध्या और फैजाबाद जंक्शन हैं।

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2 Sep 2019, 3:27 PM IST
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