अयोध्या के दीवारों पर सज रही रामायण की कलाकृतियों का राजनीतिक पार्टियां व संतों ने भी किया विरोध
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या से जुड़ने वाले सभी मार्गों को राममय में बनाए जाने की तैयारी तेजी से की जा रही है अयोध्या के एनएच 28 पर बने सभी अंडरपास के दीवारों पर भगवान श्री राम के चित्र अंकित किए जा रहे हैं। इसमें भगवान श्री रामलला के जन्म से लेकर लंका दहन रावण वध वाह लंका विजय प्राप्त करने के प्रसंगों को लेकर बनाई जा रही है लेकिन सरकार के इस योजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राजनीतिक पार्टियां ही नही बल्कि संत समाज के लोग भी इस योजना को लेकर सरकार पर भगवान के अपमान का आरोप लगा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व विधायक रहे तेज नारायण पांडे ने सरकार की इस योजना पर आरोप लगाते हुए कहा कि ओवरब्रिज की दीवारों पर रामायण के प्रसंगों पर किए जा रहे चित्र से भगवान का अपमान हो रहा है वही कहा कि भाजपा भगवान श्री राम के नाम पर सस्ती लोकप्रियता की राजनीति ले रहे हैं। वहीं कहा कि ये तो भारतीय जनता पार्टी का चल चरित्र और चेहरा है। जो हमेशा धर्म की राजनीति की है। और धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया है। उन्होंने कहा कि देवी द्ववताओं का एक स्थान मंदिर है उन्हें मंदिरों में रहने दे सड़कों पर ना लाएं।
वहीं अयोध्या नाका हनुमान गढी के महंत रामदास ने कहा कि भगवान की लीला दर्शन उनके वनगमन का चित्र, बाल लीला, राज्याभिषेक के चित्र बन रहे हैं उसको हम लोगों ने भी देखा है। अच्छी योजना है लेकिन यह ऐसे स्थान पर बन रहा है जहां पर कीचड़ है गंदगी है लोग अन्यत्र कार्य भी दीवारों के पास करते हैं। यह किसी ऊंचे स्थान पर होता जहां किसी का हाथ तक न पहुंच सके और ना ही वहां तक किसी प्रकार की गंदगी फैल सके। चित्रकारी अच्छी चीजें हैं लेकिन इससे भगवान का अपमान ना हो इसका भी ध्यान रखना चाहिए।