अयोध्या

Ayodhya Ram Temple scam: राम मंदिर चंदा गबन मामला: तीन आरोपियों को रिमांड पर लेने अयोध्या जेल पहुंची पुलिस

Ram Temple donation fraud : राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के बहुचर्चित मामले में जांच ने नया मोड़ लिया है। पुलिस टीम जेल में बंद तीन आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को कस्टडी में लेने के लिए अयोध्या जेल पहुंची।
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Ayodhya Ram Temple scam
Ayodhya Ram Temple scam

Ram Temple donation embezzlement case: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या को कलंकित करने वाले दान घोटाले के आरोपियों पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। राम मंदिर के नाम पर आस्थावानों की जेब काटने वाले तीन मुख्य आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है।

गौरतलब है कि पुलिस ने अदालत से इन तीनों आरोपियों की सात दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। इस पर कल कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां जांच अधिकारी (IO) ने अदालत को बताया कि मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए तीनों से कस्टडी में पूछताछ करना ज़रूरी है। हालांकि अदालत ने सात दिन की मांग को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और फिलहाल एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) की अनुमति दी है।

इससे पहले रविवार को पुलिस की एक टीम ने जेल के भीतर पांच आरोपियों से पूछताछ की थी। इसी पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कोर्ट में कस्टडी की अर्जी दाखिल की थी।

नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

जांच एजेंसियां अब तक कई आरोपियों के पास से नकदी और अन्य सामान बरामद कर चुकी हैं। पुलिस अब सभी सबूतों और आरोपियों के बयानों का मिलान कर मामले की हर कड़ी जोड़ने की कोशिश में जुटी है। एक दिन की रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ को इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में अहम माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की कथित चोरी और गबन से जुड़ा है। एसआईटी जांच के बाद आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दान की गिनती के दौरान रकम का गबन किया और कुछ आरोपियों ने चोरी के पैसों से संपत्तियां भी खरीदीं, जिनकी जांच जारी है।

साथ ही, बीते करीब ढाई साल में राम मंदिर ट्रस्ट के ऑडिट रिपोर्ट, खर्चों की रसीद, पर्ची और अन्य हिसाब-किताब की भी गहन पड़ताल की जाएगी, जिसमें सबसे बड़ा खर्च प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन का शामिल है। एसआईटी ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी इस सिलसिले में पूछताछ कर रही है।

Updated on:
08 Jul 2026 08:22 am
Published on:
08 Jul 2026 07:29 am