
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि। PC: ANI
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के श्रीराम मंदिर चंदा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर होने के बाद अब विपक्ष ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज पर भी कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें क्यों बचाया जा रहा है? विपक्ष ने मामले की न्यायिक जांच की मांग भी की है।
एनसीपी (एसपी) नेता और विधायक रोहित पवार ने कहा, चंपत राय और अनिल मिश्रा से क्या होगा? लोगों का पैसा था, लाखों-करोड़ों का दान हुआ है। लेकिन, पहले दिन से ही काफी भ्रष्टाचार हुआ है। ये लोग ट्रस्ट की महत्वपूर्ण पदों पर थे। हमें नहीं लगता है कि एसआईटी या फिर सीबीआई इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी। हम चाहते हैं कि पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से दो लोगों का इस्तीफा मंजूर किया गया। लेकिन, गोविंद देव गिरि महाराज को क्यों छोड़ा जा रहा है? रोहित पवार ने मामले की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि पूरे मामले में पारदर्शी जांच जरूरी है।
कांग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि यह चोरी का मामला है। लाखों-करोड़ों हिन्दुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। सरकार को ऊपर से लेकर नीचे तक कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा ऑडिट की बात उठाते हुए कहा कि लूटने का काम चल रहा था। सिर्फ दो लोगों के इस्तीफे से काम नहीं चलेगा। सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
भाजपा नेता राम कदम ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस राम मंदिर की विरोधी रही है। कांग्रेस पहले दिन से राम मंदिर नहीं बनने देना चाहती थी। अब कोई घटना होती है तो वे इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। जिसने राम मंदिर में चोरी करने का कलंक लगाया है, उन्हें तो सड़क के बीचों-बीच फांसी दे देनी चाहिए।
पूरे मामले में अब आगामी 22 जुलाई को एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि कथित चंदा चोरी के मामले में किसकी क्या भूमिका रही। ट्रस्ट का कहना है कि जांच में दोषी पाए लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
07 Jul 2026 06:33 pm
Published on:
07 Jul 2026 06:24 pm
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