
सपा नेता पवन पांडे फोटो सोर्स समाजवादी पार्टी X अकाउंट
Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर तीखा हमला बोला है। सपा नेता पवन पांडेय ने दावा किया कि जांच के बाद मंदिर में चढ़ावे की चोरी और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने अखिलेश यादव और टुन्नू यादव के बीच कथित फोन बातचीत के दावों को फर्जी बताते हुए भाजपा से सार्वजनिक रूप से सबूत पेश करने या माफी मांगने की मांग की।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन पांडेय ने को भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुली चुनौती दी। पवन पांडेय ने कहा कि अब यह प्रमाणित हो चुका है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई थी। उनके अनुसार, जांच के दौरान यह भी सामने आ चुका है कि चोरी करने वाले कौन थे। उनके संबंध किन लोगों से थे। उन्हें किसका संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में आरोपी जेल भेजे गए। ट्रस्टी को पद से हटाया गया। जिन लोगों पर संरक्षण देने के आरोप लगे।। उन्हें भी ट्रस्ट से बाहर होना पड़ा।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि इन तथ्यों के सामने आने के बावजूद भाजपा, RSS और VHP के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस मामले को लेकर आलोचना होने के बाद अब मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और टुन्नू यादव को लेकर फर्जी दुष्प्रचार किया जा रहा है।
पवन पांडेय ने कहा कि यह दावा किया जा रहा है कि अखिलेश यादव और टुन्नू यादव के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। लेकिन इस दावे के समर्थन में अब तक कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "मैं खुली चुनौती देता हूं कि हमने प्रमाणों के आधार पर बताया कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई। आरोपी पकड़े गए और कार्रवाई हुई। अब भाजपा, RSS और VHP यह साबित करें कि अखिलेश यादव और टुन्नू यादव के बीच वही बातचीत हुई थी, जिसका वे दावा कर रहे हैं।"
सपा नेता ने कहा कि यदि भाजपा और उससे जुड़े संगठन अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकते, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अखिलेश यादव से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि झूठे आरोपों और दुष्प्रचार के सहारे।
Updated on:
07 Jul 2026 04:02 pm
Published on:
07 Jul 2026 03:56 pm
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