श्री राम जन्मभूमि सेवा समिति 1950 से लगातार कर रहे प्राकट्य उत्सव का आयोजन में विराजमान रामलला के दरबार में व कलश स्थापना, दूसरे दिन संतों के साथ करेंगे परिक्रमा यात्रा
अयोध्या. राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्री राम के 1949 में हुए प्राकट्य का उत्सव माना जा रहा है। जिसको लेकर आज पहले दिन विराजमान भगवान श्री रामलला के सामने कलश स्थापना किया गया इसके बाद भव्य आरती भी उतारी गई। इस दौरान राम जन्मभूमि सेवा समिति के सदस्य भी मौजूद रहे। तो वही दूसरे दिन ताकत उत्सव पर रामलला का परिक्रमा अयोध्या के साधु सतों के साथ ट्रस्ट
करेगा।
पौष तृतीय को राम जन्मभूमि परिसर में रामलला का हुआ था प्राकट्य
श्री रामजन्मभूमि पर विराजमान भगवान श्री रामलला के 73 वां प्राकट्य उत्सव 4 जनवरी को रामजन्मभूमि सेवा समिति के द्वारा कलश स्थापना के साथ शुरू किया गया। समिति के द्वारा रामलला के पुजारी प्रदीप दास को रामलला के दरबार मे कलश स्थापित कराया गया । इस बार 2 दिवशीय उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे दूसरे दिन श्री राम जन्मभूमि सेवा समिति व अयोध्या के साधु संत रामकोट को परिक्रमा करेंगा। दरसल 1949 में पौष शुक्ल तृतीया तिथि पर भगवान श्री रामलला का राम जन्मभूमि परिसर ने प्राकट्य हुआ था जिसके बाद से श्री राम जन्मभूमि सेवा समिति इस उत्सव को प्रत्येक वर्ष मनाता आ रहा है।
दो दिवसीय श्रीराम प्राकट्य उत्सव का आयोजन
श्री राम जन्मभूमि सेवा समिति के संयोजक हर्षित शुक्ला ने बताया कि आज भगवान श्री राम लला का 73 वा प्रकाशोत्सव मनाया जा रहा है श्री राम चंद्र भूमि सेवा समिति के द्वारा 1949 में प्राकट्य कराया गया था उस समय से विराजमान में भगवान के प्रतिमा का प्राकट्य महोत्सव होता है। जिसमे हम लोग पहले कलश स्थापना करते हैं और वेद का पाठ किया जाता है। और पौष शुक्ल तृतीया पर अयोध्या संत महंत के साथ समिति कलश व हनुमान जी के निशानी से परिक्रमा निकाली जाएगी।