
Ayodhya Ram Mandir Chadava Scam: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था के नाम पर आए चंदे और चढ़ावे में बड़ी धांधली हुई है और इस विषय पर संसद में सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
संसद परिसर में ANI से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जिस तरह से भगवान राम का चंदा चोरी हुआ है, चढ़ावा चोरी हुआ है। भाजपा से जुड़े हुए संगठनों ने भगवान को ही लूट लिया है, भगवान राम के चंदे को लूट लिया गया है। इस पर हमारा नोटिस है। हम उनसे जवाब मांगेंगे कि सुप्रीम कोर्ट ने आपको आदेश दिया था राम मंदिर और ट्रस्ट बनाने का और आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश में भी लूट मचाई। इस लूट की जिम्मेदार भाजपा सरकार है। हमने इस पर नोटिस दिया है और हम चाहेंगे कि इस विषय पर सदन में चर्चा हो।
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने भी इस मुद्दे को करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा गंभीर प्रश्न बताया। उन्होंने कहा कि जिनके नाम को लेकर आप सत्ता में आए, आधार बनाया चुनाव लड़ने का, आप उन्हीं के चंदे और चढ़ावे में चोरी करवा रहे हैं? ये गंभीर मामला है और जल्दी खत्म नहीं होने वाला है।
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पास होने पर उन्होंने कहा कि जब तक ईमानदार व्यक्तियों के हाथों में संचालन नहीं होगा, पेपर बनाने वाले, उसे प्रिंट करने वाले, उन्हें ले जाने वाले हाथ ईमानदार नहीं होंगे, तब तक इसे(पेपर लीक की घटनाओं को) रोका नहीं जा सकता।
सपा के ही सांसद अवधेश प्रसाद ने लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पास होने पर कहा, "देश में तमाम ऐसे कानून पास हुए हैं, बने हैं जिनका क्रियान्वयन आज तक नहीं हुआ है। नीयत और मंशा पर बहुत कुछ निर्भर करता है। बहुत कुछ निर्भर करता है कि इस कानून का पालन करवाने की जिम्मेदारी किसके पास है, ताकत किसके पास है, किसके पास सत्ता है? अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि भाजपा की जो हमारी सरकार है, उसका इरादा, भाजपा की नीयत हमारे देश के छात्रों के प्रति, युवाओं के प्रति अच्छी नहीं है।
Updated on:
30 Jul 2026 10:06 am
Published on:
30 Jul 2026 09:56 am
