अयोध्या के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस वारदात में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हत्या की वारदात के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
रविवार को जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना तब हुई जब मृतक आज सुबह जमीन पर कब्जा लेने पहुचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष से उनकी कहासुनी हो गई।
पहले गाली-गलौज हुई। इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान प्रॉपर्टी डीलर के सीने में दो गोलियां लगने की बात सामने आई है , जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
बदहवास परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोली चलने की घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
पुलिस ने मृतक की पहचान भूपेंद्र सिंह (40) पुत्र सुरेश सिंह के रूप में की है, भूपेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के अंकारीपुर में रहते थे।
करीब एक महीने पहले भूपेंद्र ने अपने भाई यतेंद्र सिंह के नाम पर काजीपुर गाड़र में मंडा-कोटवा बाईपास के पास लगभग 12 सौ स्क्वायर फीट जमीन खरीदी थी।
इसी जमीन पर कब्जा लेने के लिए वह रविवार की सुबह करीब 9 बजे अपने परिवार के साथ मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने बताया की भूपेंद्र जमीन की नाप कर रहे थे। इसी दौरान बैनामा करने वाले और उन्हें रोकने लगे। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया, इसी बीच ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई और दो गोलियां भूपेंद्र के सीने में जा लगीं।
वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आनन-फानन में उन्हें दर्शननगर स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भूपेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद SP ग्रामीण बलवंत चौधरी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। CO सदर अरविंद सोनकर ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर चंद्र प्रकाश, आयुष, चंद्रगीत और अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने लकी वर्मा को मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।