अयोध्या

राम मंदिर दान कोष विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, CBI जांच की उठी मांग, श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल

Supreme Court Petition: अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान कोष में कथित गड़बड़ी के आरोप अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए हैं, जहां CBI से जांच और कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल हो सकता है।
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Jun 15, 2026
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राम मंदिर दान कोष विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तक पहुंच गया है। अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर इस पूरे मामले में गंभीर आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि मंदिर के दान कोष में कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

गड़बड़ी और पारदर्शिता पर उठे सवाल

पत्र में उल्लेख किया गया है कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में श्रीराम मंदिर के दान कोष से कथित धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय SIT का भी जिक्र किया गया है। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि अब तक किसी भी संज्ञेय अपराध में FIR दर्ज होने या आधिकारिक जांच प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

CBI जांच और कोर्ट मॉनिटरिंग की मांग तेज

शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। साथ ही कोर्ट की निगरानी में जांच और समय-समय पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का अनुरोध भी किया गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि दान राशि के लेखांकन, प्रबंधन और उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की पुष्टि या खंडन हो सके।

श्रद्धालुओं की आस्था और भरोसे का मुद्दा

शिकायतकर्ता का कहना है कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितताओं का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है। उनका दावा है कि केवल स्वतंत्र, निष्पक्ष और कोर्ट मॉनिटरिंग वाली जांच से ही लोगों का भरोसा बहाल हो सकता है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक सवाल बने रहेंगे और इसलिए उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

Updated on:
15 Jun 2026 12:39 pm
Published on:
15 Jun 2026 12:05 pm