अयोध्या

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर संतों का अल्टीमेटम: बोले- CBI जांच नहीं हुई तो करेंगे बड़ा आंदोलन

Ram Mandir Donation Theft Case CBI Probe: अयोध्या में कारसेवकपुरम के पास ओम आश्रम में राम मंदिर चढ़ावा चोरी और चंपत राय के खिलाफ चल रही संतों की बैठक को पुलिस ने रोक दिया। जिस पर संतों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन पर बैठक रोकने का आरोप लगाते हुए संतों ने मामले की CBI जांच की मांग की है...
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Aug 25, 2026
Ram Mandir News, Ram Mandir Donation Theft Case
राम मंदिर चढ़ावा विवाद (फोटो- ANI)

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला एक बार फिर से गरमा गया है। चंदा चोरी विवाद को लेकर अब संतों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतों का आरोप है कि ओम आश्रम में चंदा चोरी विवाद पर चर्चा के लिए बुलाई गई उनकी शांतिपूर्ण बैठक को प्रशासन ने बलपूर्वक रोक दिया। इसके लिए प्रशासन को पहले ही जानकारी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बैठक को रोक दिया और संतों को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। बैठक रोके जाने के आरोपों के बाद राम मंदिर चंदा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

चंपत राय पर साधा निशाना

महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरि ने मंगलवार को अयोध्या प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर राम मंदिर चंदा गबन मामले की CBI जांच की उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे पूरे देश में एक बड़ा जन आंदोलन छेड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पर भी तीखा हमला बोला। बता दें कि चंपत राय ने इस मामले में आरोप लगने के बाद करीब एक महीने पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरि ने कहा कि वे केवलसीएम योगी को एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब चंदे की इतनी बड़ी रकम चोरी हो रही थी तब प्रशासन कहां सो रहा था? उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने यही फुर्ती तब दिखाई होती तो आज यह नौबत ही नहीं आती। संत प्रकाशानंद ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर बैठक हॉल के दरवाजे बंद कर दिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर चंपत राय की ट्रस्ट में वापसी हुई तो सरकार गिर जाएगी।

'छोटी मछलियों को पकड़ा मगर बड़ी मछलियां बचीं'

वहीं इस पूरे मामले पर संत महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने भी सरकार और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि चंदा चोरी मामले में केवल छोटी मछलियों को पकड़ा गया है जबकि असली और बड़ी मछलियों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संतों को रोकने के लिए हॉल के गेट बंद कर दिए गए और उन्हें अपनी बात कहने से भी रोका जा रहा है। सरकार और प्रशासन का यह रवैया इस बात का सबूत है कि वे खुद इस चंदा चोरी के षड्यंत्र में शामिल हैं।

SIT की रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल

संतों का कहना है कि उनकी अगली योजना में देश भर के एक लाख संतों को शामिल कर बड़ा कार्यक्रम आयोजित करना है। प्रकाशानंद गिरि ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट पर भी कड़े सवाल उठाए और पूछा कि आखिर किस आधार पर उन्हें यह क्लीन चिट दी गई है। उन्होंने दोहराया कि जब तक मामले की CBI जांच के आदेश नहीं हो जाते उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस ने अब तक अविनाश शुक्ला और मनीष कुमार यादव समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।