
Ram Mandir Donation Theft Row Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर दान पात्र में चोरी का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। विपक्ष के नेता लगातार मामले को लेकर बयान दे रहे हैं। इस बीच कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रह चुके चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले को लेकर BJP सरकार और जांच प्रक्रिया पर निशाना साधा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह किसी सामान्य अपराध का मामला नहीं है। उन्होंने कहा, "एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। वे पहले चंदे की चोरी करते हैं, फिर उस पैसे को बाहर ले जाकर अपने रिश्तेदारों के खातों में जमा करते हैं। यह कोई साधारण अपराध नहीं है। इन सभी लोगों को किसने रखा था? चंपत राय कैसे बेदाग बच सकते हैं?"
इधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही अयोध्या पुलिस को जांच के दौरान दान के बदले जारी की जाने वाली फर्जी रसीदें भी मिली हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आरोपित चढ़ावा चोरी के साथ-साथ ट्रस्ट के नाम पर श्रद्धालुओं से दान लेकर उन्हें फर्जी रसीदें भी जारी कर रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितनी राशि की अवैध उगाही की गई।
समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को सनातन धर्म में 'महापाप' करार दिया। लखनऊ में आध्यात्मिक गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम की मर्यादा के साथ खिलवाड़ किया गया है।
उन्होंने कहा, "अपने स्वार्थ के लिए भगवान श्रीराम की मर्यादा के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने महापाप किया है। हमारे सनातन धर्म में धार्मिक चढ़ावे और दान की चोरी से बड़ा कोई पाप नहीं है। आज हर गांव के साथ हर घर में इस बात की चर्चा हो रही है कि दान और चढ़ावे का किस तरह इस्तेमाल किया गया। हमारा हिंदू धर्म और सनातनी समाज बेहद आस्थावान और भावुक है, इसलिए लोगों की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं।"
अखिलेश यादव ने इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा जांच केवल 'लीपापोती' जैसी प्रतीत होती है और इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना जरूरी है।