Ram Mandir के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में भगवान राम के कोदंड स्वरूप को स्थापित किया गया है, वहीं भगवान राम के अस्थाई मंदिर के पास ही राम मंदिर मॉडल को लगाया गया है
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. रामलला (Ram Mandir) के दर्शन करने आने वाले भक्तों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें राम जन्मभूमि परिसर में ही रामलला के दर्शन का मौका तो मिलेगा ही, यहां वह कोदंड राम (Kodand Ram) और राम मंदिर के भव्य मॉडल (Ram Mandir Model) को भी नमन कर सकेंगे। नई व्यवस्था रामनवमी (Ram Navami) से लागू होगी। राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में भगवान राम के कोदंड स्वरूप को स्थापित किया गया है, वहीं भगवान राम के अस्थाई मंदिर के पास ही राम मंदिर मॉडल को लगाया गया है।
भव्य राम मंदिर का मॉडल (Ram Mandir Model) लकड़ी से बना है। हैदराबाद में इसे कारीगरों ने तैयार किया है, जो श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए राम जन्मभूमि परिसर में लगाया जा रहा है। वहीं, कोदंड राम की प्रतिमा ग्वालियर के राम भक्त द्वारा मेटल कोटेड फाइबर धातु से बनाई गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन्हें रामलला परिसर में ही लगाए जाने की व्यवस्था बनाई है।
नहीं लगेगा रामनवमी का मेला
कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने रामनवमी का मेला न करवाने का फैसला किया है। 21 अप्रैल से शुरू होने वाले इस मेले में हजारों-लाखों श्रद्धालु शामिल होने वाले थे। इसके अतिरिक्त राम जन्मभूमि परिसर में पूजा करने के लिए सैकड़ों की संख्या में संत आने वाले थे, लेकिन अब वह नहीं आ पाएंगे। बीते साल भी कोरोना के कारण रामनवमी का मेला नहीं लग पाया था। इस बार भी श्रद्धालुओं से घरों में ही सादगी के साथ रामनवमी मनाने की अपील की गई है।