
Jitendra Mishra: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नव नियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा मंगलवार को औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार संभालेंगे। ट्रस्ट ने सितंबर की शुरुआत में उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया था। मिश्रा के चयन को मंदिर प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ट्रस्ट की एक उच्चस्तरीय बैठक में चयन समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद मंजूर की गई। मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के लिए गठित समिति ने 5,000 से अधिक संभावित उम्मीदवारों में से मिश्रा को इस पद के लिए चुना।नियु क्ति के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में ट्रस्ट के सदस्यों ने भारतीय वायु सेना में उनके 39 वर्षों से अधिक के विशिष्ट सेवाकाल और व्यापक नेतृत्व अनुभव की सराहना की। सैन्य क्षेत्र में लंबे समय तक कमान संभालने के बाद अब मिश्रा संस्थागत और प्रशासनिक जिम्मेदारी की भूमिका में नजर आएंगे।
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और नेतृत्व का व्यापक अनुभव हासिल किया। मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी कमांडर के तौर पर जिम्मेदारी निभाई थी। ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के तौर पर अंजाम दिया था।
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के तौर पर जितेंद्र मिश्रा के सामने कई अहम जिम्मेदारियां होंगी। उन्हें मंदिर के प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और मजबूत बनाने की दिशा में काम करना होगा।
उनकी जिम्मेदारियों में मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों का प्रशासन, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का प्रबंधन और विभिन्न विभागों व एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय शामिल होगा।
अयोध्या में राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन, सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे में मिश्रा के सैन्य प्रशासन और नेतृत्व के अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नियुक्ति के बाद जितेंद्र मिश्रा ने इस जिम्मेदारी के लिए आभार जताया था। उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें राष्ट्र के साथ-साथ भगवान राम, मंदिर और उसके भक्तों की सेवा करने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा, "मेरा हृदय कृतज्ञता से भरा हुआ है। मैं आज स्वयं को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं कि मुझे अपने जीवन में दो बार यह जिम्मेदारी दी गई है, एक बार राष्ट्र की सेवा करने के लिए और अब भगवान राम, मंदिर और उसके भक्तों की संगठन और प्रशासन के माध्यम से सेवा करने के लिए।"