
AAP MP Sanjay Singh Statement: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक घमासान जारी है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह भारत के करोड़ों युवाओं की बड़ी जीत और एक अहंकारी सरकार की हार है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि युवाओं की तकलीफें असहनीय हो चुकी थीं।
NEET पेपर लीक के बाद 21 लोगों ने आत्महत्या कर ली। संजय सिंह ने कहा कि पूरे देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे 5 करोड़ से ज्यादा छात्रों की जिंदगी प्रभावित हुई है। संजय सिंह ने कहा कि जवाबदेही तय होनी ही थी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लंबा आंदोलन चला, जिसमें सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक उपवास किया। करोड़ों युवा सड़कों पर उतरे और आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह फैसला लेना पड़ा।
राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी और जमीन घोटाले के मामले पर संजय सिंह ने कहा कि एक तय समय-सीमा के भीतर जांच होनी चाहिए। मैंने जमीन घोटाले से जुड़े 13 दस्तावेज़ योगी आदित्यनाथ की SIT को सौंपे थे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जमीन घोटाले, मंदिर के चढ़ावे की चोरी और निर्माण के दौरान फंड के दुरुपयोग की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में और तय समय-सीमा के भीतर होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि देश के युवा जवाबदेही की मांग कर रहे थे, सरकार को मजबूरी में उनकी बात माननी पड़ी। आप युवाओं से लाठियों के दम पर पेश नहीं आ सकते। यह डरपोक नेताओं के लिए भी सबक है। छोटे-छोटे बच्चों ने उन्हें हरा दिया है, तो मंत्री उनसे क्यों डर रहे हैं? हमने किसान आंदोलन के दौरान उनका समर्थन किया था और युवा आंदोलन में भी एक संवेदनशील राजनीतिक पार्टी के रूप में उनका साथ दिया।
AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 'जेन Z' (Gen Z) की जीत है। देश की जेन Z ने यह इस्तीफा सुनिश्चित किया। जो सरकार दावा करती थी कि वह किसी की नहीं सुनती, किसी से नहीं डरती और हर सवाल का जवाब ताकत से देगी — उसे आखिरकार झुकना पड़ा।