
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक पवन पांडेय ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब छोटे-छोटे मामलों में बुलडोजर कार्रवाई और सख्त कदम उठाए जाते हैं, तो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
पवन पांडेय ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यदि चढ़ावे की राशि में किसी तरह की अनियमितता हुई है तो यह केवल आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा, 'अब कहां है बाबा का बुलडोजर? अगर इतनी बड़ी लूट हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर उनका एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ?'
सपा नेता ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि जांच कहां तक पहुंची और अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में दोहरा रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि आम लोगों के मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा सकती है तो राम मंदिर जैसे संवेदनशील मामले में भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि से जुड़े कथित विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और संबंधित व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहा है। वहीं, मामले की जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी क्रम में पवन पांडेय का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रस्ट ने महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के त्यागपत्र प्राप्त होने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि ट्रस्ट की आगामी बैठक में इन दोनों त्यागपत्रों पर विचार किया जाएगा।