
Shri Ram Mandir Donation Scam : चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, PC- Patrika
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्हें चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी मिली है।
इससे पहले गुरुवार देर रात पुलिस ने चंपत राय के करीबी माने जाने वाले रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आज सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर 14 दिन की रिमांड मांग सकती है।
गौरतलब है कि गुरुवार शाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि दर्ज एफआईआर में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब अयोध्या के पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में आए चढ़ावे और दान की राशि में करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है। आरोपों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक की 106 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वही अब राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय कुछ लोग भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के खिलाफ अदालतों में लड़ाई लड़ते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ही लोग अब राम भक्तों की आस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है और मामले की सच्चाई जनता के सामने लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की अनियमितता या आस्था को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाएगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाने वालों से अपील की कि यदि उनके पास कोई ठोस सबूत हैं तो वे उन्हें एसआईटी के सामने प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए और जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एफआईआर दर्ज होने और ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें एसआईटी जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।
Updated on:
26 Jun 2026 02:22 pm
Published on:
26 Jun 2026 01:43 pm
बड़ी खबरें
View Allअयोध्या
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
