अयोध्या

‘ट्रस्ट की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल!’ राम मंदिर CEO के इंटरव्यू पर भड़के सपा सांसद अवधेश प्रसाद

Ram Mandir CEO Interview: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से निजी सवाल पूछे जाने की खबरों पर SP सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि जो इंटरव्यू हुआ, वह पूरी तरह से गलत था।
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Ram Mandir
अयोध्या राम मंदिर (photo- x @ShriRamTeerth)

SP MP Awadhesh Prasad Ram Mandir CEO Interview: अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए चल रहे इंटरव्यू में पूछे गए सवालों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन सवालों को संविधान की मंशा के विपरीत और देश की अनेकता में एकता के सूत्र को कमजोर करने वाला बताया।

इंटरव्यू में पूछे गए विवादास्पद सवाल

ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए करीब 5200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। मंगलवार से आमने-सामने इंटरव्यू शुरू हुए। उम्मीदवारों से पहले ऑनलाइन गूगल फॉर्म के जरिए करीब 34 सवाल पूछे गए। इनमें व्यक्तिगत और धार्मिक आस्था से जुड़े सवाल शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवारों से पूछा गया-क्या आप शिखा (चोटी) रखते हैं? जनेऊ पहनते हैं? शाकाहारी भोजन करते हैं या नॉनवेज खाते हैं? शराब का सेवन तो नहीं करते? भगवान राम में आस्था है? क्या आप हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार वस्त्र धारण करने में सहज होंगे? कट्टर हिंदू हैं या सिर्फ आस्थावान? परिवार के बारे में भी जानकारी मांगी गई। साथ ही प्रशासनिक अनुभव, भीड़ प्रबंधन और मंदिर के भविष्य को लेकर विजन पर भी सवाल किए गए।

अवधेश प्रसाद का बड़ा बयान

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ को लेकर जो इंटरव्यू हुए हैं वो बिल्कुल गलत हैं और जो सवाल पूछे गए हैं वो भी अच्छे नहीं हैं। हमारे देश में तरह-तरह के लोग हैं। तरह-तरह का पहनावा और बोली भाषा है और अनेकता में एकता का सूत्र है। इस तरह का सवाल इंटरव्यू में करना संविधान की मंशा के विपरीत है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे सवाल देश की एकता और अखंडता के धागे को कमजोर करते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम राम की गरिमा भी इसी गरिमा से जुड़ी है और भाजपा लगातार उसे कमजोर करने का काम कर रही है।

चढ़ावा चोरी मामले पर भी निशाना

अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पहले लाखों रुपये का चढ़ावा आता था, अब सिर्फ 11, 21, 51 रुपये जैसी छोटी रकम आ रही है। श्रद्धालुओं की संख्या भी घटकर रोजाना 10 हजार तक रह गई है, जबकि पहले लाखों लोग आते थे। सांसद ने आरोप लगाया कि बड़ी मछली को बचाने के लिए छोटे लोगों को जेल भेज दिया गया। उन्होंने सरकार से सदन में पूरे मामले पर जवाब देने और निष्पक्ष जांच की मांग की।

चयन प्रक्रिया जारी

चयन समिति तीन सदस्यों वाली है। वह तीन नामों का पैनल तैयार करेगी, जिसमें से एक को सीईओ नियुक्त किया जाएगा। बाकी उम्मीदवारों के इंटरव्यू आज यानी 12 अगस्त को भी हो रहे है। यह पद ट्रस्ट का सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी होगा। अवधेश प्रसाद के बयान से राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यशैली और चयन प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।

Updated on:
12 Aug 2026 03:10 pm
Published on:
12 Aug 2026 03:10 pm