अतरौलिया थाना क्षेत्र के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे पर सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ है। इस हादसे में दंपति और उनके बेटे की मौत हो गई है..
आजमगढ़: अतरौलिया थाना क्षेत्र के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे पर सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में बाइक पर सवार दंपति और उनके बेटे की मौत हो गई है। यह हादसा पिकअप द्वारा बाइक को पीछे से टक्कर मारने के बाद हुआ, जिसमें तीनों लोगों की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि कप्तानगंज थाना इलाके के बनकट जगदीश कोइरीपुर के रहने वाले संतोष विश्वकर्मा अपनी पत्नी गुड़िया विश्वकर्मा और 10 वर्षीय बेटे रियांश के साथ गोरखपुर में अपने रिश्तेदार के घर गए थे और सोमवार को वहां से वापस अपने गांव लौट रहे थे। संतोष को अतरौलिया गदनपुर इंटरचेंज पर हाईवे से नीचे उतरना था, लेकिन भूल वश वह आगे निकल गए और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे पर बढ़ते गए।
बताया जा रहा है कि वह अपनी यामाहा बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी बीच वह खीरीडीहा गांव के समीप पहुंचे थे तभी पीछे से आ रही एक पिकअप ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद संतोष उछलकर एक्सप्रेसवे के नीचे गिर गए, जबकि उनकी पत्नी वहीं सड़क पर गिर गई और उनका बेटा भी उनके पास ही गिरकर दर्द से छटपटाने लगा। वहीं, संतोष की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
इस हादसे में गुड़िया और संतोष का बेटा रियांश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद हाईवे पर गस्त कर रही सुरक्षा टीम ने उन्हें सौ सैया अस्पताल पहुंचाया। वहीं, डॉक्टरों ने इलाज के दौरान गुड़िया विश्वकर्मा को भी मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल हुए रियांश को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन उसकी भी इलाज के दौरान ही दर्दनाक मौत हो गई।
इस सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद अतरौलिया थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे मौके पर पहुंचे और पुलिस ने बाइक और पिकअप को कब्जे में ले लिया। थाना अध्यक्ष ने बताया है कि दंपति और उनके बेटे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार की तरफ से तहरीर प्राप्त की जा रही है और तहरीर के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि संतोष मुंबई में रहकर फर्नीचर का कारोबार किया करते थे और 5 मई को अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए मुंबई से आजमगढ़ लौटे थे। मृतक के भाई संदीप ने बताया कि वह एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रिश्तेदार के घर गए हुए थे और वापस लौटते समय हादसा हो गया। संतोष ने बताया कि परिवार में अब उनकी एक नाबालिक बेटी बची हुई है।