
Azamgarh Murder: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में देर रात हुई एक मुठभेड़ में पुलिस ने सनकी हत्यारे अरविंद सिंह को ढेर कर दिया है। SOG और ATS की संयुक्त टीम की जवाबी कार्रवाई में मारा गया आरोपी अपनी ही पत्नी, बच्चे और दो पुजारियों की हत्या करने के बाद कमरे में बच्चों को बंधक बनाकर पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहा था।
घटना आजमगढ़ के शंभूपुर गहजी गांव की है। मुठभेड़ में मारे गए अरविंद सिंह के परिवार का मानना था कि उस पर भूत-प्रेत का साया है और उसके दिवंगत बड़े भाई सुनील सिंह की आत्मा उन्हें परेशान कर रही है। इसी के निवारण के लिए पत्नी बबीता और मां समला देवी (70) ने घर में चार दिवसीय पूजा का आयोजन कराया था। मंगलवार को पूजा की पूर्णाहुति का दिन था।
मंगलवार शाम करीब 6 बजे जब अरविंद बाजार से लौटा, तो वह पूजा देखकर भड़क गया। अरविंद ने पूजा कर रहे पंडितों से अचानक पूछताछ शुरू कर दी और उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। बहस बढ़ने पर अरविंद गुस्से में अपने कमरे में गया और अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर बाहर आया। उसने पत्नी बबीता और दो पुजारियों, महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
फायरिंग के बाद अरविंद ने अपने तीन बच्चों बेटी परी (5), बेटा शौर्य (9) और सात महीने की मासूम बेटी को एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही 6 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अरविंद लगातार कमरे के अंदर से बच्चों को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार और रात करीब 11:30 बजे वाराणसी के एडीजी नवीन अरोरा भारी बल के साथ पहुंचे। एसओजी और एटीएस कमांडोज की टीम ने पूरे घर को घेर लिया। 7 घंटे तक पुलिस लगातार आरोपी को सरेंडर करने के लिए समझाती रही। रात करीब 1 बजे जब कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई, तो पता चला कि अरविंद ने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी है।
मासूम पर गोली चलने के बाद पुलिस और कमांडो टीम ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले छोड़कर घर में प्रवेश किया। पुलिस को देखते ही अरविंद ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
करीब 6 राउंड की फायरिंग के जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरविंद को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल अरविंद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कमरे में बंधक बनी अन्य दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस बार-बार आरोपी अरविंद सिंह को बच्चों के साथ बाहर निकाल कर सरेंडर करने को कहती रही, लेकिन आरोपी अरविंद ने धमकी दी की यदि पुलिसकर्मी एक कदम भी आगे बढ़ाएंगे तो वह अपने तीनों बच्चों को गोली मार देगा। उन्होंने बताया कि आरोपी द्वारा धमकी दिए जाने के बाद जिले के अधिकारियों के साथ रणनीति तय की जाने लगी। इस दौरान एटीएस के जवानों से भी सहयोग मांगा गया।