UP Assembly Election 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में कई बड़े दावेदारों की दावेदारी को दरकिनार कर बीजेपी ने युवा नेता मनोज यादव यादव को निजामाबाद से टिकट दिया है। कम ही लोग जानते हैं कि मनोज यादव कौन है और इन्हें वरिष्ठ नेता विनोद राय और डा. पियूष यादव पर क्योें प्राथमिकता दी गयी। वैसे मनोज के मैदान में आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गयी है। माना जा रहा है कि बीजेपी सपा की गुटबाजी का फायदा उठाकर पहली बार यहां कमल खिलाने की कोशिश करेगी।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. UP Assembly Election 2022 यूपी विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से ही सत्ता हथियाने के लिए राजनीतिक दल खुलकर दाव पेंच का इस्तेमाल कर रहे है। इसी के तहत आजमगढ़ जिले की निजामाबाद विधानसभा सीट से बीजेपी ने सभी को चौकाते हुए एक युवा चेहरे को मैदान में उतार दिया है। बीजेपी प्रत्याशी मनोज यादव एक ऐसा युवा चेहरा हैं जिसके बारे में कम लोग ही जानते कि उनका ताल्लुक एक बड़े राजनीतिक घराने व बाहुबली नेता है। मनोेज के मैदान में आने से निजामाबाद में चुनाव दिलचस्प होता दिख रहा है।
बता दें कि निजामाबाद विधासभा को सपा का गढ़ माना जाता है। आलमबदी यहां तीन बार से लगातार विधायक है। अब तक वे चार बार चुनाव जीत चुके हैं। एक बार फिर सपा ने आलमबदी पर दाव लगाया है लेकिन इस चुनाव में आलमबदी के करीबी पूर्व ब्लाक प्रमुख इसरार अहमद भी टिकट मांग रहे थे। आलमबदी के टिकट का वे खुलकर विरोध कर रहे है। इससे सपा में भीतरघात का खतरा बढ़ा है। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी से 2017 में चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेता विनोद राय की दावेदारी थी तो दूसरी तरफ युवा नेता डा. पियूष यादव ने भी टिकट का दावा ठोका था लेकिन पार्टी ने सबकी दावेदारी को दरकिनार कर युवा मनोज यादव को मैदान में उतार दिया है।
मनोज यादव का यह पहला चुनाव है। मनोज यादव बाहुबली पूर्व मंत्री अंगद यादव के भतीजे है। अंगद यादव वर्ष 1991, वर्ष 1993 व 2007 में बसपा के टिकट पर निजामाबाद सीट से विधायक रहे। बसपा सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था। वर्ष 2002 में उन्होंने अपनी पत्नी बिमला देवी को अपना दल के टिकट पर मैदान में उतारा था। बिमला देवी को यहां 20760 वोट मिले थे। बाद में अंगद यादव बीजेपी में शामिल हो गए। अंगद यादव वर्तमान में जेल में बंद हैं। अंगद यादव की क्षेत्र के यादव नेताओं में गहरी पैठ है।
अब उनके भतीजे मनोज यादव बीजेपी से राजनीतिक पारी की शुरूआत कर रहे हैं। इन्होंने स्नातक तक शिक्षा हासिल की है। इनके दो कालेज भी हैं। बीजेपी को भरोसा है कि वह मनोज के जरिये यादव मतों में सेंध लगाने में सफल होगी। वहीं कांग्रेस और बसपा ने भी यादव उम्मीदवाद देकर पहले से ही सपा की चुनौती बढ़ा रखी है। ऐसे में पार्टी को भरोसा है कि अगर अंगद यादव के समर्थक साथ खड़े होते हैं तो वह आसानी से इस सीट पर कमल खिलाने में सफल होगी। वहीं मनोज यादव का कहना है कि बीजेपी सरकार की नीतियों से सर्व समाज के लोग तेजी से पार्टी के साथ जुड़े है। इस बार यहां कमल खिलना तय है।