आजमगढ़

Azamgarh: प्यार के खातिर तोड़ दी मजहब की दीवार और मोमिन से बन गई मीना, जानें पूरा मामला

लड़की के परिजनों को ये कुबूल नहीं था। उन्होंने प्रेमी व उसके परिजनों पर दबाव भी बनाया कि वे इस्लाम धर्म को अपना ले। लेकिन प्रेमिका ने मना कर दिया। इसी बीच दोनों ने शादी कर ली।
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Jul 16, 2022
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प्यार की बात जहां आती है, वहां न कोई मजहब दिखाई देता है और न ही कोई दीवार। एक ऐसा ही अनोखा मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में देखने को मिला। जहां एक मुस्लिम युवती मोमिन खातून ने अपने प्यार के खातिर अपना मजहब तक छोड़ दिया और हिंदू धर्म को कुबूल कर के अपने प्रेमी के साथ शादी कर ली। हालांकि मोमिन खातून का कहना है कि उसे बचपन से ही इस्लाम धर्म कुबूल नहीं था। इस बारे में उसने कई बार अपने परिजनों से भी बातचीत की और हिंदू धर्म अपनाने की अपील की लेकिन हर बार परिजनों ने उसे मना ही किया। इस बीच मोमिन खातून को ऐ हिंदू युवक सूरज से प्यार हो गया। दो साल पहले मोमिन, सूरज के साथ मोमिन अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने गई थी। यहां उसने इस्लाम धर्म छोड़ सनातन धर्म में प्रवेश किया और अपना नाम बदल कर मीना रखा। अब दोनों ने शादी रचा ली।

चोरी छिपे मिलते रहे दोनों

मामला आजमगढ़ के अतरौलिया थाना क्षेत्र के खानपुर फतेह गांव का है। जानकारी के मुताबिक, यहां के निवासी सूरज और हैदरपुर खास गांव की रहने वाली मोमिन खातून को एक दूसरे से प्यार हो गया। इस बीच उन दोनों ने चोरी छिपे मिलना भी शुरू कर दिया। जब मामले की जानकारी मोमिन के परिजनों को हुई तो उन्होंने धर्म को लेकर ऐतराज जताना शुरू कर दिया। हालांकि प्रेमी के परिजनों को दोनों के रिश्ते से कोई ऐतराज नहीं था।

सम्मो माता मंदिर में की शादी

बताया जाता है कि लड़की के परिजनों को ये कुबूल नहीं था। उन्होंने प्रेमी व उसके परिजनों पर दबाव भी बनाया कि वे इस्लाम धर्म को अपना ले। लेकिन प्रेमिका ने मना कर दिया। इसी बीच दोनों ने शादी करने की ठानी और धर्म की आड़े आ रही दीवार को तोड़ने का फैसला किया। दोनों ने क्षेत्र के सम्मो माता मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से शादी की। इस दौरान लड़के के घर वाले व क्षेत्र के संभ्रांत लोग मौजूद रहे।

Published on:
16 Jul 2022 11:37 am