
आजमगढ़. मुलायम सिंह यादव की विरासत और नेता जी को अपना बताने की होड़ में अखिलेश यादव की पार्टी सपा और शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया में उनके जन्मदिन को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गया है। सपा जहां मुलायम सिंह का 80वां जन्मदिन मनाने जा रही है वहीं मुलायम के प्रतिनिधि रहे शिवपाल की पार्टी के मंडल प्रभारी पूर्व विधायक राम दर्शन यादव ने 79वां जन्मदिन मनाने की घोषणा कर दी है। इसे लेकर सपा और शिवपाल की पार्टी आमने सामने होती दिख रही है।
बता दें कि सपा गुरूवार को नेताजी का जन्मदिन किसान दिवस के रूप में मनाने जा रही है। वहीं शिवपाल यादव की पार्टी के मंडल प्रभारी ने मुलायम सिंह के संसदीय क्षेत्र को होर्डिंग से पाट दिया है जिसमें मुलायम सिंह के 79वें जन्मदिन की बात कही गयी है। अब सवाल उठता है कि आखिर दोनों दलों में कौन सही कौन है।
मुलायम सिंह का जन्मदिन 22 नवंबर 1939 बताया जा रहा है। इस हिसाब से देखें तो यह उनका 79वां जन्मदिन दिन है। जबकि समाजवादी पार्टी 79वां जन्मदिन वर्ष 2017 में ही मना चुकी है। वैसे विकीपीडिया पर मुलायम सिंह यादव की प्रोफाइल में भी उन्हें 79 साल का बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पूर्व सीएम अखिलेश यादव का मुलामय का सही जन्मदिन नहीं पता है या फिर सपा अपनी पुरानी गलतियों को छिपाने के लिए उनकी उम्र वास्तविक उम्र से एक साल अधिक बता रही है।
जो भी हो लेकिन शिवपाल यादव की पार्टी द्वारा 79वां जन्मदिन मनाये जाने से उनका जन्मदिन चर्चा में हैं। मजेदार बात है कि सही उम्र को लेकर उनके प्रतिनिध रहे शिवपाल की पार्टी के मंडल प्रभारी पूर्व विधायक रामदर्शन होर्डिंग लगवाने के बाद भी कन्फ्यूज हैं उनका कहना है कि हो सकता है उन्हीं से गलती हुई हो लेकिन जहां तक उन्हें मालूम है यह 79वां जन्मदिन ही होना चाहिए।
वहीं सपा के लोगों का कहना है कि नेता जी के जन्मदिन को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। सपा ने पिछले साल 79वां जन्मदिन मनाया था इस बार 80वां मना रही है। वहीं विपक्ष के लोग भी इस पर कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। इनका कहना है कि यह सपा का आंतरिक मामला है। वे अपने नेता को कब और कौन सा जन्मदिन मनायेंगे यह उन्हीं को तय करना है।
इस मामले में सपा मीडिया प्रभारी एसके सत्येन का कहना है कि शिवपाल यादव की पार्टी के लोग प्रोपगंडा कर रहे हैं। जब इन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि नेता जी का कौन सा जन्मदिन है तो वे उनकी विरासत क्या संभालेंगे।
By Ran Vijay Singh