
रिपोर्ट:-रणविजय सिंह
आजमगढ़। एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) द्वारा गठित एवं इनवायरमेंट डायरेक्टर उत्तर प्रदेश के चेयरमैन पूर्व जिला जज राजेंद्र प्रसाद सिंह के निर्देश पर एक बार पुनः तमसा नदी के पानी की गुणवत्ता जांच के लिए टीम आ रही है। सेवानिवृत्त जज देवी प्रसाद सिंह के नेतृत्व में टीम जिले में 30 मई की देर शाम पहुंच जाएगी। 29 व 30 को अयोध्या और आंबेडकर नगर और 31 को जिले में और उसके बाद मऊ में नदी के पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए जाएंगी। इस संबंध में प्रशासन, नगर पालिका परिषद को एनजीटी की तरफ से अवगत करा दिया गया है।
सामाजिक संगठन भारत रक्षा दल की शिकायत पर दिसंबर 2018 में एनजीटी की टीम आई थी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के प्रभारी घनश्याम प्रजापति और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक एके त्रिपाठी की संयुक्त टीम ने दो दिन तक शहर में तमसा नदी के प्रवेश स्थल राजघाट और शहर से निकलने वाले स्थान बद्दोपुर अइनिया तक नौ स्थानों से पानी के नमूने लिए थे। टीम ने इस बात को माना था कि तमसा नदी का पानी प्रदूषित है। टीम ने बताया कि था कि पानी के नमूने का प्रयोगशाला में परीक्षण कर रिपोर्ट एनजीटी चेयरमैन को सौंप दी जाएगी। काफी समय बीत जाने के बाद एक बार पुनः भारत रक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने पत्र लिखकर जानकारी ली कि आखिर पानी के नमूने की जांच में क्या हुआ। श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि पानी के नमूने में प्रदूषण की मात्रा पाई गई है।इसलिए टीम दोबारा आ रही है। उस समय जांच में टीम के अधिकारियों ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को भी नदी में कूड़ा फेंके जाने पर फटकार लगाई थी। कार्रवाई की चेतावनी देते हुए निर्देशित किया था कि डंपिग ग्राउंड पर ही कूड़ा निस्तारित किया जाए।