
Oldest MLA in UP: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद सीट से पांच बार विधायक रहे अलामबदी आजामी का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह उत्तर प्रदेश के सबसे उम्रदराज सपा विधायक थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सामने आई है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट से उनके निधन की जानकारी दी गई है और बताया गया है कि जनाजे की नमाज गुरुवार की शाम 4 बजे अदा की जाएगी। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़ में जन्मे आलमबदी आजमी ने निजामाबाद सीट पर पांच बार जीत हासिल की थी। उनकी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें 13 अप्रैल को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ठीक होने के बाद वापस आजमगढ़ लौट आए थे। इसके बाद जून और जुलाई में भी उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहीं से इनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान बुधवार की देर रात उनका देहांत हो गया है।
उनके निधन की खबर सुनते ही उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। वह 1996 से लेकर 2007 तक निजामाबाद सीट से विधायक चुने गए थे। वर्तमान में भी वह पांचवीं बार जीत कर विधायक बने थे। सपा विधायक आजमी अपने राजनीतिक अनुभव के चलते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी बताए जाते थे। गोरखपुर टेक्निकल इंस्टिट्यूट से उन्होंने 1956 में इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। 12वीं तक की शिक्षा उन्होंने इस्लामिया कॉलेज गोरखपुर से ही पूरी की थी। बताया जा रहा है कि उनके 6 बच्चे हैं।
उनके निधन के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, "समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आज़मगढ़ की निज़ामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद! दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान। शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। भावभीनी श्रद्धांजलि!"
संभल से सपा की विधायक पिंकी यादव ने उनके निधन पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा कि निजामाबाद विधानसभा का पांच बार प्रतिनिधित्व करने वाले आजामी साहब का इंतकाल अत्यंत दुखद समाचार है। उनका पूरा जीवन विचारधारा, जन सेवा और सामाजिक सौहार्द के मूल्यों को प्रति समर्पित रहा। वह सादगी और जनता के प्रति समर्पण की जीवंत मिसाल थे। उनका जाना समाजवादी परिवार एवं प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।