आजमगढ़

मुलामय के गढ़ में मोर्चा संभालेंगे शिवपाल के बेटे आदित्य यादव, अखिलेश यादव को देंगे बड़ा झटका

समाजवादी पार्टी के कई नेता हो सकते हैं शिवपाल की पार्टी में शामिल, संगठन को धार देने की भी बनेगी रणनीति।
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Updated: 21 Nov 2018, 2:22 PM IST
Akhilesh yadav and shivpal Singh Yadav
शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव

आजमगढ़. लगातार दो चुनाव में करारी मात खा चुकी सपा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। शिवपाल यादव के सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का गठन करने के बाद सपा की मुश्किल काफी बढ़ गयी है। शिवपाल की पार्टी लगातार अखिलेश यादव की सपा को झटके दे रही है। दूसरी तरफ मायावती से गठबंधन कर पार्टी का अस्तित्व बरकरार रखने की जद्दोजहद में जुटे अखिलेश यादव अपनी पार्टी के नेताओं को संभाल नहीं पा रहे है। केवल मुलायम सिंह के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में डेढ दर्जन से अधिक सपाई शिवपाल की पार्टी में शामिल हो चुके है। अब उनके पुत्र आदित्य यादव का आजमगढ़ दौरा हो रहा है। माना जा रहा है कि उनकी मौजूदगी में कुछ और नेता सपा छोड़ शिवपाल की पार्टी में शामिल होंगे। अगर ऐसा हुआ तो सपा की मुश्किल और बढ़ जायेगी।

बता दें कि सपा का संगठन खड़ा करने में मुलायम सिंह यादव के बाद अगर किसी का सबसे अधिक हाथ था तो वे शिवपाल यादव थे। संगठन में शिवपाल यादव की गहरी पकड़ है। खासतौर पर सपा के तमाम बड़े नेता और बाहुबली हमेंशा से शिवपाल के करीबी रहे हैं। शिवपाल का करीबी होने के कारण वर्ष 2016 में बलराम यादव को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था। यह अलग बात है कि विधानसभा चुनाव में पुत्र के भविष्य को देखते हुए बलराम यादव अखिलेश खेमें में खड़े हो गये और शिवपाल का साथ छोड़ दिया। जबकि अखिलेश और शिवपाल के बीच तलवार बलराम को लेकर ही खिंची थी लेकिन तमाम बड़े नेता तब भी शिवपाल के साथ खड़े थे और आज भी खड़े हैं।

यही वजह है कि जब शिवपाल यादव ने जब पार्टी का गठन किया तो वे लोग नई पार्टी में शामिल हो गए। आज पूर्व विधायक मलिक मसूद, युवा नेता अभिषेक सिंह आंशू, महिला सभा जिलाध्यक्ष सुनीता सिह, स्कंधा सिंह, पूर्व विधायक राम दर्शन यादव, बलराम यादव के पीआरओ रामप्यारे यादव आदि शिवपाल की पार्टी में पदाधिकारी बन चुके हैं। उक्त लोग अब तक हजारों कार्यकर्ताओं को तोड़कर अपने साथ मिला चुके हैं। पिछले दिनों स्वागत समारोह के नाम पर उक्त लोगों ने शक्ति प्रदर्शन कर सपा को अपनी ताकत का एहसास भी कराया था।

17नवंबर को स्वयं शिवपाल यादव आजमगढ़ आने वाले थे लेकिन मंदुरी में प्लेन उतरने की अनुमति न मिलने के कारण वे आजमगढ़ नहीं आ सके। अब उनके पुत्र राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव 26 नवंबर को आजमगढ़ आ रहे हैं। वे रेलवे स्टेशन के पास दामोदर पैलेस में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और सभा करेंगे। यह पूरा कार्यक्रम चुनाव के पहले विपक्ष को अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए रखा गया है। सूत्रों की माने तो आदित्य की मौजूदगी में सपा के कई नेता शिवपाल की पार्टी में शामिल होंगे इस कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए पदाधिकारी प्रयास शुरू कर दिये हैं।

By Ran Vijay Singh

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