परिजन बोले- पुलिस ने मृतक बेटे का टूटा मोबाइल आैर घड़ी लौटार्इ, लेकिन पर्स आैर जेब में रखे रुपये नहीं लौटाए
बागपत. यूपी पुलिस पर हादसे में मारे गए एक युवक का पर्स समेत 30 हजार रुपये गायब करने का आरोप लगा है। बता दें कि यह आरोप लगाने वाले बसपा नेता हैं। उनका कहना है कि बेटा 30 हजार रुपये लेकर परिवार में होने वाली शादी के लिए खरीदारी करने के लिए घर से निकला था। इसी बीच एक हादसे में उसकी मौत हो गर्इ। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। जब वे अस्पताल पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें केवल बेटे का टूटा हुआ मोबाइल आैर घड़ी वापस की। जबकि तीस हजार रुपये का कोर्इ अता-पता नहीं दिया। पीड़ित परिवार ने इसको लेकर एसपी कार्यालय पर जमकर हंगामा किया आैर शिकायत के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवार्इ न होने पर अब परिवार की महिलाआें आैर बच्चों के साथ बसपा नेता एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया है।
दरअसल, बागपत कस्बा निवासी बसपा के पूर्व जिला सचिव ओमकार सिंह का पुत्र दयानंद आर्य दिल्ली के शाहदरा में खराद का काम करता है। नौ मार्च को उनके परिवार में युवती की शादी है, जिसके लिए 26 जनवरी की शाम उनका बेटा दयानंद तीस हजार रुपये लेकर घर से बड़ौत समान की खरीदारी के लिए रवाना हुआ था। बड़ौत जाते समय दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर गेटवे स्कूल के निकट उसे किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गर्इ। इसके बाद सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
जब वे अस्पताल पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें केवल उसका टूटा हुआ मोबाइल व घड़ी ही वापस की है। जबकि तीस हजार रुपये व पर्स के बारे में कुछ नहीं बताया। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस मामले की जांच नहीं कर रही है। इससे आहत परिजनों ने सोमवार को एसपी कार्यालय के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की ओर धरने पर बैठ गए। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। जब तक उनको न्याय नहीं मिल जाता वे परिवार समेत धरने पर बैठे रहेंगे।