बागपत

Coronavirus: जमातियों के संपर्क में आने वालों को भी प्रशासन ने दी चेतावनी, आए सामने नहीं तो.

Highlights . जमातियों के संपर्क में आने वाले लोग खुद कराए मेडिकल जांच. पुलिस प्रशासन की टीम लगातार कर रही ट्रेस . संक्रमण छिपाने वालों पर होगी बड़ी कार्यवाही
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Updated: 10 Apr 2020, 9:50 AM IST
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बागपत। रटौल गांव स्वादिष्ट आम के लिए जाना जाता है, लेकिन इनदिनों यह प्रशासन के निशाने पर है। इसकी वजह कोरोना वायरस है। फिलहाल गांव को पूरी तरह लॉकडाउन किया हुआ है। लोगों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। पाबंदी इसलिए भी लगाई गई है कि यहां मस्जिद में तब्लीगी जमात के 17 नेपाली ठहरे थे। इनमें चार लोग कोरोना संक्रमित पाए गए है।

बता दें कि जनपद में 28 जमाती नेपाल से आये थे। इनमें 17 जमाती गांव की एक मस्जिद में ठहरे थे। ये गांव में भी घूमे थे। इनमें से चार कोरोना संक्रमित पाए गए। जिसके बाद हड़कंप मच गया। रटौल गांव को हॉटस्पॉट माना जा रहा है। अंदेशा है कि गांव के लोग जमातियों के संपर्क में रहे हैं, जिससे बीमारी के फैलने का खतरा है। गुरुवार को डीएम शकुंतला गौतम, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, एडीएम अमित कुमार सिंह, एसडीएम राजपाल सिंह, सीओ ओमपाल सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने रटौल गांव पहुंचकर ग्राम प्रधान पति जाकिर हसन से गांव की जानकारी ली। जिसके बाद से गांव को लॉकडाउन कर दिया गया है।

जिलाधिकारी शकुंतला गौतम ने चेतावनी दी है कि जमातियों के संपर्क में आने वाले लोग खुद ही सामने आकर मेडिकल करा लें। पुलिस-प्रशासन की टीम ट्रेस कर रही है। संक्रमण छिपाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही गांव में जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0121-2220100 और 0121-220027 भी दिये है। आस-पास गांव के लोगों को भी खतरा रटौल के अलावा खेकड़ा में भी जमाती गए थे। आस पास गांव में भी ये लोग गये थे जिसकी गोपनीय जांच विभाग द्वारा की जा रही है।

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10 Apr 2020, 9:50 AM IST
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