बागपत में 15 साल की छात्रा ने अपनी जान दे दी। वह शहर के एक स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ती थी। मरने से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें अपने पिता से माफी मांगी है।
"मैंने गलती की थी, मुझे अपनी गलती का पछतावा था। इसलिए मैंने माफी मांगी, पर किसी ने मेरी नहीं सुनी। मुझे पढ़ाई करनी थी, पर सबने मना कर दिया। इसलिए मैं जीना नहीं चाहती। अंत में उसने लिखा- पापा मुझे माफ कर देना" सुसाइड नोट में ये बातें निवाड़ा गांव की 8वीं की छात्रा वंशिका (15) ने लिखी है।
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परिवार के मुताबिक, वंशिका ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे घर में सबको चाय बनाकर पिलाई। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई और सोने की बात कही। करीब एक घंटे बाद जब परिजन उसे जगाने गए तो वह नहीं उठी। परिवार वाले घबरा गए और तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय प्रकाश ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। परिवार वालों से पूछताछ की गई। परिजनों ने शुरुआत में बुखार से मौत होने की बात कही, लेकिन छात्रा की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला जहरीला पदार्थ निगलने का लग रहा है। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। सुसाइड नोट की भी जांच कर रही है। हर पहलू से मामले को खंगाला जा रहा है।