
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बागपत. नए कृषि कानूनों को लेकर मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक केंद्र सरकार नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार गलत रास्ते पर है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार एमएसपी पर कानून बना दे तो किसान भी अपना प्रदर्शन खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर किसानों को हरा नहीं सकती है। इसलिए किसानों के साथ ज्यादती नहीं की जाए और किसानों की जायज मांगों को मान लिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि राज्यपाल का कार्य चुप रहने का होता है, लेकिन जो सामने हो रहा है, मैं उसे देखकर चुप नहीं रह सकता। उक्त बातें राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने गृह जिले के कस्बे अमीनगर सराय में अभिनंदन कार्यक्रम के दौरान कही।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात की है। इस दौरान उनसे कहा है कि किसानों पर बल प्रयोग नहीं किया जाए और उनकी जायज मांगों को मान लिया जाए। अगर इनकी मांगें नहीं मानी गई तो ये कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने ने कहा कि जब राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की बात हो रही थी तो मैंने ही फोन करके इसे रुकवाया था। उन्होंने कहा कि देश में किसान का गरीब होता जा रहा है। वहीं सरकारी नौकरीपेशा का वेतन हर तीसरे साल बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि मैं किसान के परिवार से हूं, इसलिए उनकी तकलीफ समझ सकता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर वह कहीं भी जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एक कानून का प्रचार हो रहा है कि किसान फसल कहीं भी बेच सकता है। उन्होंने कहा कि यह कानून तो पिछले 15 साल से है, लेकिन अगर उत्तर प्रदेश का किसान हरियाणा में फसल बेचने जाता है तो उन पर लाठीचार्ज किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस देश में जवान और किसान खुश नहीं होंगे, वह देश कभी भी तरक्की नहीं कर सकता है। इसलिए जितना जल्दी हो सके सरकार किसानों की समस्या हल करने का प्रयास करे।