भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अमेरिका की ट्रेड डील को किसानों के लिए विनाशकारी बताते हुए दूध और कपास किसानों पर संकट की बात कही। भाकियू बैठक में जमीन बचाने के लिए लंबे संघर्ष का आह्वान किया।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत गुरुवार को बिलासपुर पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों के साथ बैठक कर अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को किसानों के लिए विनाशकारी बताया। टिकैत ने कहा कि यह डील खासकर दूध और कपास उत्पादक किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाएगी। टिकैत भाकियू जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह गिल के पिपलिया अहला गांव स्थित निवास पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने दिवंगत दर्शन सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद किसानों के साथ बैठक की।
टिकैत ने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानी खत्म कर मजदूरों की फौज तैयार करना चाहती है। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन बचाने के लिए लंबे और सतत संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
टिकैत ने यूजीसी कानून पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कानून देश में संघर्ष की स्थिति पैदा करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं को एकजुट होकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी। टिकैत बोले, आम बजट में गांव और किसानों के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की आमदनी, खेती की लागत और ग्रामीण रोजगार को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
टिकैत ने किसानों से गांव-गांव जाकर भाकियू संगठन को मजबूत करने और आंदोलन को तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और संगठनात्मक ताकत से ही किसानों के हितों की रक्षा संभव है।