
बागपत। जनपद के रटौल गांव को कोरोना संक्रमण से राहत मिलती नजर आ रही है। गांव को ऑरेंज जोन घोषित कर दिया गया है। यहां पर 14 दिन से कोई भी कोरोना का नया मरीज सामने नहीं आया है। जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। साथ ही अब ग्रामीणों को भी राहत दी गई है।
गांव के चार लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद रटौल गांव को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया था। इतना ही नहीं बागपत पहुंची मेरठ मंडल कमिश्नर ने रटौल को रेड जोन घोषित के बाद गांव को सील करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद रटौल गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई। साथ ही ग्रामीणों की स्क्रीनिंग भी कराई गई। जांच में 4 जमातियों के संपर्क में आया एक व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर करीब 70 लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन किया गया। लगभग 183 लोगों को घर पर क्वारंटाइन किया गया।
13 अप्रैल को रटौल गांव में एक और मामला सामने आया तो गांव के 5 किलोमीटर के दायरे में एक बार फिर लोगों को जागरूक किया गया। कोविड-19 अस्पताल खेकड़ा के प्रभारी डॉक्टर ताहिर ने जानकारी देते हुए बताया है कि 14 दिन से रटौल में कोई नया कोरोना संक्रमित मरीज नहीं आया है। जिसके कारण रटौल रेड जोन से ऑरेंज जॉन घोषित कर दिया गया है।