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Bahraich News: 28 साल पहले गला काटकर फरसे से की थी हत्या, अब कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा, लगा 1.02 लाख का जुर्माना

Bahraich Murder Case: बहराइच में 28 साल पुराने हत्या के मामले में कोर्ट ने अंगद शुक्ला उर्फ करुणेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 1998 में फरसे से महानंद मिश्र की हत्या की गई थी। अदालत ने आरोपी पर कुल 1.02 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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Aug 22, 2026
Bahraich
सांकेतिक फोटो-पत्रिका

Bahraich Murder Case: बहराइच में करीब 28 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रभावी पैरवी के बाद पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अंगद शुक्ला उर्फ करुणेश को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं में कुल 1.02 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

बहराइच जिले के हरदी थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव का है। पुलिस और अभियोजन के मुताबिक, इस हत्याकांड की जड़ करीब आठ साल पुरानी पारिवारिक रंजिश में थी। 19 सितंबर 1998 को दोपहर करीब ढाई बजे महानंद मिश्र अपने घर के बरामदे में तख्त पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान अंगद शुक्ला उर्फ करुणेश फरसा लेकर वहां पहुंचा। और महानंद की गर्दन पर हमला कर दिया।
हमले में महानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनका भतीजा भी वहां मौजूद था। उसके शोर मचाने पर परिवार के लोग और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि लोगों को आते देखकर आरोपी ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला।

वर्ष 1998 में विवेचक ने अदालत में दाखिल किया था आरोपपत्र

घटना के बाद राजितराम पुत्र शारदा प्रसाद मिश्र की तहरीर पर हरदी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने केस में हत्या, धमकी और साजिश से जुड़ी धाराएं लगाई थीं। तत्कालीन विवेचक एवं थाना प्रभारी बीआर बौद्ध ने जांच के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए। इसके बाद 13 अक्टूबर 1998 को आरोपी के खिलाफ हत्या और धमकी की धाराओं में आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।

28 साल बाद आया फैसला, उम्र कैद के साथ भारी भरकम जुर्माना

अदालत ने 17 सितंबर 1999 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई चलती रही। करीब 28 साल पुराने इस मामले में पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष और हरदी पुलिस की ओर से लगातार पैरवी की गई।

अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी

अभियोजन की ओर से रखे गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अंगद शुक्ला उर्फ करुणेश को दोषी माना। धारा 302 के तहत उसे उम्रकैद और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। धारा 506 में एक साल के सश्रम कारावास के साथ दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
कोर्ट के आदेश के अनुसार हत्या की धारा में जुर्माना नहीं देने पर छह महीने और धमकी की धारा में अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस तरह आरोपी पर कुल 1.02 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

Updated on:
22 Aug 2026 06:42 pm
Published on:
22 Aug 2026 06:42 pm