
Bahraich Border News: भारत-नेपाल सीमा से अजनाला थाना हमला मामले के आरोपी विक्रमजीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को पूछताछ में ऐसे नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जो लंबे समय से लोगों की सीमा पार आवाजाही में मदद करता रहा है। अब एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, वित्तीय गतिविधियों और पूर्व में कराई गई आवाजाही के रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में सक्रिय कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिले हैं कि यह समूह नेपाल से आने वाले लोगों को भारतीय सीमा तक पहुंचाने और आगे उनके सफर की व्यवस्था करने में शामिल रहा है। इसी कड़ी में कुछ स्थानीय व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है की सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की जानकारी मिली है कि 10 हजार में बॉर्डर पर कराकर लखनऊ एयरपोर्ट तक पहुंचने का जिम्मा लिया जाता था। इसमें तीन स्थानीय लोग शामिल थे। तीनों बहराइच क्षेत्र के रुपईडीहा कस्बा के रहने वाले हैं। पुलिस अब इसे गहन पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, नेटवर्क यात्रियों से संपर्क स्थापित करने के बाद उनकी परिस्थितियों और यात्रा संबंधी जरूरतों के आधार पर अलग-अलग व्यवस्थाएं करता था। इसके बाद उन्हें सीमा पार कराने और आगे के गंतव्य तक पहुंचाने की योजना बनाई जाती थी। एजेंसियां अब इस पूरी कार्यप्रणाली को समझने और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि नेटवर्क की गतिविधियां कोई नई नहीं हैं। सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सीमा के रास्ते आने-जाने वाले कितने लोगों की आवाजाही इस समूह के माध्यम से हुई थी। इसके लिए विभिन्न दस्तावेजों, संपर्क सूत्रों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
उधर, पुलिस अब संदिग्धों की आर्थिक स्थिति और संपत्तियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि अवैध गतिविधियों से अर्जित धन के प्रमाण मिलते हैं। तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि मामले से जुड़ी सभी कड़ियों की बारीकी से जांच की जा रही है। पंजाब पुलिस को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद मुख्य आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए पंजाब ले जाया जाएगा। वहीं सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को जांच के दायरे से बाहर न रहने दिया जाए।