Bahraich Flood: बहराइच जिले के तीन तहसीलों के 38 से अधिक गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिससे बाढ़ की स्थिति दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।
Bahraich Flood: बहराइच जिले में सरयू नदी की रफ्तार कहर बनकर टूट रहा है। नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि ग्रामीणों को अपने ही पक्के मकान जेसीबी से ढहाने पड़ रहे हैं। शिवपुर और महसी ब्लॉक के दर्जनों गांवों में कटान और बाढ़ से हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। चौकसाहार ग्राम पंचायत के झुंडी मजरा में बीते 24 घंटों के भीतर 18 से ज्यादा घर नदी की धारा में समा चुके हैं।
Bahraich Flood: एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते 38 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। गांव पसियन पुरवा, झुंडी और आसपास के इलाकों में नदी की धारा ने जमीन काटकर कई परिवारों को बेघर कर दिया है। कई लोग ईंट और लकड़ी बचाने के लिए खुद अपने मकान गिरा रहे हैं।
बेघर हुए परिवारों को प्रशासन की ओर से तिरपाल और राशन दिया गया है। लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि राहत महज कागजों तक सीमित है। रामप्रीत, प्रेम कुमारी, सत्य प्रकाश जैसे सैकड़ों ग्रामीण अब खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को मजबूर हैं। बारिश, मच्छर और बीमारी का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश के चलते गेरुआ और कौड़ियाला नदियों से बड़ी मात्रा में पानी गिरिजा बैराज होते हुए सरयू में छोड़ा जा रहा है। गिरिजा बैराज से 3.47 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है। जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.70 मीटर पर पहुंच चुका है। जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है।
प्रशासन की टीमें मौके पर हैं। लेकिन लोग अब भी ठोस मदद की बाट जोह रहे हैं। लेखपालों ने नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जमीनी हकीकत यह है कि हालात हर पल बद से बदतर होते जा रहे हैं।