
Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच के रानीपुर थाना क्षेत्र के कुट्टी गांव में कथित तौर पर झोलाछाप द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद एक महिला की मौत के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के लिए गठित 3 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी का क्लीनिक बंद मिला और वह फरार था। अब स्वास्थ्य विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है। टीम ने मौके पर पहुंचकर मृतका के परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान यह भी पड़ताल की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति किस आधार पर चिकित्सा कार्य कर रहा था और उसके पास इलाज करने की वैध अनुमति थी या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम जब जांच के लिए रानीपुर बाजार स्थित क्लीनिक पहुंची तो वह बंद मिला। आरोपी कथित झोलाछाप वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र की और मामले से जुड़े तथ्यों को दर्ज किया।
CMO डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मामले पर नजर बनाए हुए है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इलाके में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों की भी जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली देहात क्षेत्र के रायपुर राजा गांव निवासी संजनी पाठक (23) कुछ दिनों से अपने मायके, रानीपुर थाना क्षेत्र के कुट्टी गांव में रह रही थीं। बुधवार रात उन्हें बुखार, शरीर में दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं। तबीयत खराब होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए रानीपुर बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक पर ले गए, जहां कथित झोलाछाप द्वारा उनका उपचार किया गया।
परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक संचालक ने जल्द आराम मिलने का भरोसा देते हुए महिला को इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही समय बाद संजनी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वह अचेत हो गईं। हालत गंभीर होने पर परिजन घबरा गए। आरोप है कि इस दौरान क्लीनिक संचालक ने भी उपचार करने से हाथ खड़े कर दिए।
महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
फिलहाल महिला की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।