
Bahraich Violence: हर साल की तरह इस वर्ष भी बहराइच में दुर्गापूजा मनाई गई। रविवार को विसर्जन के दौरान गाजेबाजे के साथ दुर्गापूजा का विसर्जन जुलुस निकाला गया। शाम 6 बजे जुलुस जैसे ही विशेष समुदाय के इलाके में पहुंचे तभी उन्होंने तेज आवाज में DJ बजाने को लेकर आपत्ति जताई। इसके बाद बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि इसी बीच विशेष समुदाय ने लोगों ने छतों से जुलुस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे यात्रा में शामिल लोग घायल हो गए। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव होने लगा। विवाद के बीच स्थानीय रामगोपाल मिश्रा उस मकान की छत पर चढ़ गया, जहां से पथराव शुरू हुआ था।
रामगोपाल ने मकान की छत पर पहले से लगे एक झंडे को उखाड़कर फेंक दिया और भगवा झंडा फहराने लगा। नीचे खड़े लोग उसे उकसाते रहे और नारे लगाते रहे। इसके बाद बवाल और बढ़ गया। विशेष समुदाय के लोग तलवार और चाकू लेकर घरों से निकल आए और जुलूस पर हमलावर हो गए।
करीब 25 मिनट बाद विशेष समुदाय के लोग झंडे को गिराने वाले रेहुवा मंसूर निवासी राम गोपाल मिश्रा को पकड़ लिया और घसीटकर अपने घर ले गए। वहां पहले उसकी पिटाई की और फिर बाद में कई गोलियां मार दी। उसे बचाने पहुंचा गांव का राजन भी गंभीर रूप से हमले में घायल हो गया। दोनों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने रामगोपाल को मृत घोषित कर दिया, जबकि राजन का इलाज चल रहा है।
हत्या की घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने महसी में आगजनी शुरू कर दी। दुकान हो या घर लाठी डंडे लेकर भीड़ ने पूरे शहर का माहौल तनावग्रस्त कर दिया। भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। परिजनों ने शव को मेडिकल कॉलेज के सामने रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस तक को नहीं छोड़ा। पुलिस मौके पर जान बचाकर भागते नजर आई।
रविवार रात 10 बजे के करीब महसी बीजेपी विधायक सुरेश्वर सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं माने। लोगों ने सड़क पर जगह-जगह बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बहराइच बवाल पर रात 10.21 पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। सीएम योगी ने ट्वीट कर लिखा कि जनपद बहराइच के महसी में माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी को सुरक्षा की गारंटी, लेकिन उपद्रवियों और जिनकी लापरवाही से घटना घटी है, ऐसे लोगों को चिह्नित कर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रतिमा विसर्जन जारी रहेगा। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को मौके पर उपस्थित रहकर धार्मिक संगठनों से संवाद कर समय से प्रतिमा विसर्जन कराने हेतु निर्देशित किया है।
सीएम योगी के एक्शन के बाद प्रशासन सख्त हुआ और मामले में थानाध्यक्ष हरदी एसके वर्मा और चौकी इंचार्ज महसी शिव कुमार को सस्पेंड कर दिया। सुरक्षा को देखते हुए सोमवार को प्रशासन ने स्कूलों को बंद करवा दिया। साथ ही क्षेत्र में इंटरनेट सेवा को बंद करा दिया। मामल में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें 6 नामजद और 4 अज्ञात हैं। नामजद लोगों में अब्दुल हमीद, रिंकू उर्फ सरफराज, फहीम, राजा उर्फ साहिर खान, ननकऊ और मारुफ हैं।
पूरी रात हुई आगजनी और हिंसा के बाद सोमवार की सुबह पुलिस ने मामले को काबू करने की कोशिश की लेकिन भीड़ की बढ़ती संख्या की वजह से मामला तूल पकड़ता रहा। भीड़ ने मृतक रामगोपाल मिश्रा के शव को लेकर सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया और जयकारे लगाए। मामले को शांत करने के लिए STF चीफ अमिताभ यश को सड़क पर उतरना पड़ा। अमिताभ यश सड़क पर पिस्टल लेकर भीड़ को भगाने की कोशिश करते नजर आए।
मामले को काबू में लाने के लिए पुलिस और PAC जवानो की टुकड़ी लगाई गई। पुलिस के जवानों ने भीड़ पर लाठीचार्ज लोगों को खदेड़ा। लाठीचार्ज के बाद भी भीड़ ने आगजनी और प्रदेश की पुलिस के खिलाफ रोष प्रकट किया।
देवरियां से बीजेपी विधायक और सीएम योगी के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट कर लिखा कि DJ का ये वही गाना है जिसपर लोग थिरक रहे थे, जिस गाने पर चरमपंथी उबल पड़े, पत्थरबाजी और फायरिंग कर दी। उन्होंने आगे जो लिखा वो हम आपको नही बता सकते हैं।