बहराइच जिले के मिहींपुरवा क्षेत्र में कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल तस्करी के लिए ले जाई जा रही 70 बोरी यूरिया पकड़ ली। यह खेप पिकअप वाहन से ले जाई जा रही थी। टीम ने मौके से चालक को गिरफ्तार कर वाहन और खाद को सीज कर कस्टम गोदाम में जमा करा दिया है।
बहराइच जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तस्करी रोकने के लिए कस्टम विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। रविवार देर रात मिहींपुरवा क्षेत्र के लौकही बॉर्डर के पास कस्टम टीम ने नेपाल तस्करी के लिए ले जाई जा रही बड़ी खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की। टीम ने मौके से 70 बोरी यूरिया बरामद करते हुए एक पिकअप वाहन सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया।
कस्टम निरीक्षक सुभाष चंद्र और हवलदार राजकुमार गश्त पर थे। तभी उन्हें एक संदिग्ध पिकअप वाहन आता दिखा। रोकने पर चालक सही जवाब नहीं दे सका। तलाशी लेने पर गाड़ी में यूरिया की 70 बोरियां भरी मिलीं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह खेप नेपाल ले जाई जा रही थी। कस्टम अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पहले से मुखबिर के जरिए तस्करी की सूचना मिली थी। उसी आधार पर गश्त बढ़ाई गई थी। यह कार्रवाई की गई। बरामद खाद और वाहन को कस्टम गोदाम में जमा कर जांच शुरू कर दी गई है।
इधर, खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन भी सक्रिय है। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मुकेश चंद्र ने चित्तौरा स्थित बहुउद्देशीय सहकारी समिति डीहा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टॉक, वितरण प्रणाली, पंजिका और गोदाम का सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान खाद लेने पहुंचे किसानों की भीड़ देखकर सीडीओ ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने किसानों को लाइन में खड़ा कराकर अपने सामने खाद वितरण कराया। अधिकारियों का कहना है कि जिले में किसी भी कीमत पर तस्करी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।