बहराइच जिले के रामगांव थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार, कहा- मौलाना जबरन पत्नी का हलाला कराने का बना रहे दबाव
बहराइच. रामगांव थाना क्षेत्र में के बौंडी फतेहउल्लापुर गांव निवासी खुशबुद्दीन खां ने गुस्से में पत्नी को तलाक दे दिया। गलती का अहसास हुआ तो दोबारा उसके साथ रहने लगा। नाराज धर्म के ठेकेदार शरीयत कानून का हवाला देते हुए जबरन पत्नी का हलाला कराने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। इतना ही नहीं बीते चार दिन पहले हुई उसके बेटे की मौत के बाद उसे गांव के कब्रिस्तान में दफनाने के लिये धर्म के दो जमीन तक नहीं दी गई। पति का आरोप है कि अब ये लोग उसके परिवार पर गांव छोड़ने का दबाव बना रहे हैं, साथ ही जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। स्थानीय पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित खुशबुद्दीन इंसाफ के लिये पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा।
खुशबुद्दीन खां ने बताया कि तीन साल पहले उसने गुस्से में अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था। गलती का अहसास हुआ तो अपनी पत्नी से दोबारा निकाह कर लिया। कहा कि शरीयत में तीन तलाक जायज़ नहीं है। लेकिन धर्म के ठेकेदारों को ये नागवार गुज़रा। सभी ने मिलकर खुशबुद्दीन का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। शिकायत को लेकर कई बार स्थानीय पुलिस के पास गया, लेकिन उन्होंने फरियाद नहीं सुनी।
पत्नी का हलाला कराने का बना रहे दबाव
पीड़ित के मुताबिक, गांव के मौलाना उस पर जबरन हलाला कराने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वो हलाला करवाना नहीं चाहता। मौलाना के कहने पर बीते तीन साल से उसका हुक्का-पानी बंद है। तीन दिन पहले बेटे की मौत हो गई तो इन लोगों ने मासूम के शव को कब्रिस्तान में दफनाने नहीं दिया। अब उस पर गांव छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा न करने पर जान माल की धमकी दी जा रही है।
इसलिये किया समाजिक बहिष्कार
पीड़ित का कहना है कि मौलाना उसको धमका रहे हैं। वह कहते हैं शरीयत को न मानने वाले की प्रापर्टी जब्त करने, बच्चों व बीवी को कैद करने के साथ पुरुष को तीन दिन में कत्ल करने व बीवी और बच्चों को गुलाम बनाने के 13 दिन बाद उनका भी कत्ल करने की बात लिखी हुई है। आरोप है कि मौलवी ने कहा कि हमारी इस्लामी हुकूमत नहीं है, इसलिए केवल तुम्हारा सामाजिक बहिष्कार कर रहे हैं।
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