बालाघाट

600 रुपए के जूतों के लिए इस शख्स ने 11 साल लड़ी कानूनी लड़ाई, अब मिला इंसाफ, अजीबो गरीब है मामला

MP News : एक शख्स ने मात्र 600 रूपए के जूतों के लिए 11 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी है और आखिरकार उन्हें न्याय मिल गया है। वहीं, दुकानदार पर 3 हजार से अधिक का जुर्माना लगाया है।

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MP News :मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने मात्र 600 रूपए के जूतों के लिए 11 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी है और आखिरकार उन्हें न्याय मिल गया है। वहीं, दुकानदार पर 3 हजार से अधिक का जुर्माना लगाया है।

ये अजब-गजब मामला साल 2013 का है। सूबे के बालाघाट के रहने वाले शिवराज ठाकुर ने सुभाष चौक स्थित ज्योति फुट वेयर से 600 रुपए में एक जूता खरीदा था। जूते खरीदने के दो दिन बाद उनका सोल उखड़ गया। इसके बाद शिवराज जूते बदलवाने के लिए दुकानदार के पास पहुंचे। लेकिन दुकानदार ने जूता बदलने से इंकार तो किया ही, साथ ही साथ उनके साथ बदसुलूकी भी की।

बात औकात पर आई तो लड़ी कानूनी लड़ाई

दुकानदार ने शिवराज ठाकुर से कहा कि ये जूते अब नहीं बदल सकते, क्योंकि जूते की कोई गारंटी-वारंटी नहीं होती। दुकानदार की बात सुनकर शिवराज ने उससे कहा कि जब हम जूता खरीदने आए थे तब तो तुमने बड़ी-बड़ी बातें की थीं। इस बात पर दुकानदार भड़क उठा। इसपर, शिवराज ने कहा कि उपभोक्ता फोरम में उसकी शिकायत करेगा। इसपर दुकानदार ने जवाब दिया कि जाओ तुम जैसे कई ग्राहक आते जाते हैं। उपभोक्ता फोरम में जाकर क्या कर लोगे ? इसके भी 2000 रुपए लगते हैं। यही नहीं, दुकानदार ने शिवराज से कहा कि जाओं शिकायत कर दो हम भी देखते ही कि तुम्हारी कितनी औकात है ?

आत्मसम्मान की रक्षा के लिए पहुंचे कनज्यूमर फोरम

दुकानदार के इस अपमानजनक व्यवहार से ग्राहक शिवराज को खासा ठेस पहुंची। अपे आत्मसम्मान की खातिर उसने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। साल 2013 में शिवराज ने बालाघाट के उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। 2 महीने तक केस चला, लेकिन शिवराज बालाघाट उपभोक्ता फोरम के फैसले से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने भोपाल स्थित राज्य उपभोक्ता फोरम अपील कर दी।

फोरम ने सुनाया फैसला

एक जूते के लिए 11 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार उपभोक्ता फोरम ने अपना फैसला सुना दिया। मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल ने दुकानदार पर 3 हजार 40 रुपए का जुर्माना लगाया है। इसमें 600 रुपए की मूल राशि के साथ 6% वार्षिक ब्याज, 1000 रुपए शारीरिक और मानसिक पीड़ा के लिए और 1000 रुपए अपील का खर्च भी शामिल हैं।

Updated on:
15 Aug 2024 04:04 pm
Published on:
15 Aug 2024 03:47 pm
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