
Rahul Gandhi Balaghat Visit- मध्यप्रदेश के बालाघाट में बैगा समुदाय के 32 बच्चों की मौत के मामले में राजनीति गर्मा गई है। इसी सिलसिले में राहुल गांधी गुरुवार को राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलेंगे। दोपहर 3 बजे वे मीडिया से बात करेंगे। इधर, राहुल गांधी के दौरे को लेकर भाजपा नेताओं ने कहा कि वे पालिटिकल माइलेज लेने के लिए बालाघाट आ रहे हैं। जब बालाघाट नक्सल प्रभावित था तब वे क्यों नहीं आए।
मध्यप्रदेश में राहुल गांधी के दौरे को लेकर सियासत गर्माई हुई है। वे गुरुवार को दोपहर तीन बजे राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर हमला बोलेंगे। उन्होंने इसके लिए 10 मिनट का समय तय किया है। वे आधा घंटा पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। बालाघाट जिले के बिरसा और बैहर ब्लाक में बैगा समुदाय के 32 बच्चों की मौत को लेकर राहुल गांधी राज्य सरकार को घेरने आ रहे हैं। वे इस क्षेत्र में करीब 45 मिनट रुकेंगे। राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करने आए थे, इसके बाद वे 1 अक्टूबर को बालाघाट जिले में पहुंच रहे हैं।
राहुल गांधी दिल्ली से रवाना होने के बाद 11.45 बजे महाराष्ट्र के गोंदिया में बिरसी हवाई पट्टी पर लैंड करेंगे। इसके बाद 12 बजे कार से रवाना होकर 2.15 बजे जागला गांव पहुंचेंगे। दोपहर 3 बजे पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद 10 मिनट मीडिया से चर्चा करेंगे। दोपहर 3.10 बजे वे जागला से रवाना हो जाएंगे और 5.30 बजे गोंदिया वापस पहुंच जाएंगे। यहां से शाम 6 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।
इधर, राहुल गांधी के दौरे से पहले राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल उठाया है। जीतू पटवारी ने कहा है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर बालाघाट पुलिस और प्रशासन की लापरवाही बहुत ही आत्तिजनक है।
इधर, मध्यप्रदेश के बालाघाट आ रहे राहुल गांधी पर भाजपा ने गुरुवार को निशाना साधा है। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि राहुल गांधी पालिटिकल टूरिज्म के लिए आ रहे हैं और विपक्ष के नेता होने के नाते उन्हें जिम्मेदारी और गंभीरता दिखानी चाहिए। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां देश की संवैधानिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं पर बिना आधार सवाल उठाते हैं। बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि राहुल गांधी को राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील घटनाओं को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन पर लाशों पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
एमपी के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा, राहुल की यात्रा सियासी माइलेज लेने का प्रयास है। कठिन हालात के समय लोगों के साथ खड़े होते तो संवेदनशीलता दिखती। नक्सल मुक्ति के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों के समय यात्रा पर सवाल तो उठेंगे। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि कांग्रेस की हालत 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोंचे' जैसी हो गई है।