अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच सोमवार को तीखी झड़प हो गई। इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता लगातार 10 घंटे तक कोतवाल को हटाने के लिए धरने पर प्रदर्शन पर बैठ गया है, इसके बाद सुबह होते ही जिला प्रशासन एग्जाम में आया और कोतवाल को लाइन हाजिर किया जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
Ballia news: बलिया में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच सोमवार को तीखी झड़प हो गई। अभाविप के कार्यकर्ता निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वसूली और अन्य मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने ज्ञापन सौंपने की कोशिश की।
अभाविप सदस्यों का आरोप है कि जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मिलने पर उन्हें डांटकर बाहर निकाल दिया। इससे आक्रोशित होकर कार्यकर्ता बारिश में भीगते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।
धरना बीते दस घंटे से जारी है और अभाविप कार्यकर्ता कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह को हटाने की मांग पर अड़े हैं। इसी दौरान कोतवाल और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस तेज हो गई। वायरल वीडियो में कोतवाल को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “डीएम साहब के खिलाफ टिप्पणी करेंगे तो कार्रवाई होगी।” जब एक छात्र नेता ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाया, तो कोतवाल ने जवाब दिया, “धक्का-मुक्की नहीं, घसीटते हुए ले जाएंगे।”
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यालय में बैठक चल रही थी और बाहर कुछ लोग तेज आवाज में नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने कहा, “हमारे कार्यालय में सभी का सम्मान होता है, किसी के साथ अभद्रता नहीं की गई।”
धरने में जिला सह संयोजक अभिषेक यादव, नगर मंत्री अंकित ठाकुर, रवि गुप्ता, अतुल मिश्रा, हिमांशु मिश्रा, शानू शर्मा और जिला संगठन मंत्री ऋषभ सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे। मौके पर सिविल चौकी प्रभारी गिरीजेश सिंह समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।