बलिया

तीन तलाक की कुप्रथा फिर से लाना चाहती है कांग्रेस, भगवान परशुराम और महर्षि भृगु की धरती पर गरजे सीएम योगी

Lok Sabha Elections 2024: भगवान परशुराम और महर्षि भृगु की पावन धरती पर सीएम योगी ने चुनावी जनसभा को संबोधित कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में आ गई तो तीन तलाक की कुप्रथा फिर से शुरू करा देगी।

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May 25, 2024
Lok Sabha Elections 2024 CM Yogi adityanath Says Congress wants to bring back evil practice of triple talaq

Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सलेमपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी रविंद्र कुशवाहा के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में आ गई तो तीन तलाक की कुप्रथा फिर से शुरू करा देगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र साफ- साफ कहता है कि वह भारत में पर्सनल लॉ को लागू करेगा। इसका मतलब कि देश में शरिया कानून की इजाजत मिल जाएगी। इस तालिबानी कानून के चलते बेटियों को स्कूल जाने से वंचित कर दिया जाएगा और महिलाओं को बुर्के में घर में ही दुबकना पड़ेगा। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया है, जिसके बाद महिलाओं को संसद में उचित हिस्सेदारी प्राप्त होगी।

400 पार सुनकर सपा और कांग्रेस को आने लगता है चक्कर

मुख्यमंत्री योगी ने भगवान परशुराम और महर्षि भृगु की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि पूरे देश में 'फिर एक बार मोदी सरकार' को लेकर उत्साह और उमंग है। चार जून के परिणाम 'अबकी बार 400 पार' के संकल्प को पुख्ता करेंगे। इस 'चार सौ पार' के स्वर को सुनकर सपा और कांग्रेस को चक्कर आने लगता है। वो चारों खाने चित हो जाते हैं। पूरे देश में जनता एक ही स्वर से कह रही है कि जो राम को लाएं हैं, हम उनको लाएंगे।

जोर से पटाखा फूटने पर आज पाकिस्तान को देना पड़ता है सफाई

उन्होंने कहा कि हमने बदलते हुए भारत को देखा है। आपका वोट जब कमल चिन्ह पर जाता है तो केंद्र में मोदी जी और राज्य में मुझे ताकत मिलती है। आज भारत का सम्मान बढ़ा है। सीमाएं सुरक्षित हुई हैं। आतंकवाद और नक्सलवाद समाप्त हुआ है। जब केंद्र में कांग्रेस और राज्य में सपा की सरकार थी तो रोज बम विस्फोट होते थे। देश का कोई कोना नहीं छूटा था, जहां बम विस्फोट नहीं होता था। तब ये लोग सीमापार आतंकवाद का बहाना बनाते थे। वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में आतंकवाद से निपटने में कोताही बरती जाती थी। आज तो जोर से पटाखा भी फूट जाए तो पाकिस्तान सफाई देने लगता है।