
ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ सपा नेताओं ने खोला मोर्चा (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
UP News:उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। इस बार विवाद का केंद्र प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर और बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय को लेकर दिया गया बयान बन गया है। बलिया के गड़वार क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
सपा के ब्राह्मण नेता भानु दुबे ने खुले तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ओमप्रकाश राजभर अपने बयान के लिए सांसद सनातन पांडेय से माफी नहीं मांगते हैं, तो उन्हें बलिया में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ उनका घेराव किया जाएगा और उनके सामने ही उनका पुतला फूंका जाएगा।
दरअसल, हाल ही में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी में कथित टूट और बगावत के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसके पीछे बलिया के सांसद सनातन पांडेय को जिम्मेदार ठहराया था। उनके इस बयान के बाद बलिया में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है।
सपा नेताओं का कहना है कि बिना किसी ठोस आधार के सांसद सनातन पांडेय पर आरोप लगाना न केवल उनका अपमान है, बल्कि पूरे बलिया जिले और ब्राह्मण समाज का भी अपमान है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी कार्यकर्ता लगातार विरोध जता रहे हैं।
गड़वार में मीडिया से बातचीत के दौरान सपा नेता भानु दुबे ने कहा कि सांसद सनातन पांडेय एक सम्मानित जनप्रतिनिधि हैं और उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ओमप्रकाश राजभर ने अपने बयान पर खेद व्यक्त नहीं किया और सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उनके खिलाफ सड़क पर उतरेंगे।
भानु दुबे ने कहा, "सनातन पांडेय का अपमान पूरे बलिया का अपमान है। यह ब्राह्मण समाज का भी अपमान है। यदि मंत्री जी अपने बयान पर माफी नहीं मांगते हैं, तो हम उन्हें बलिया में घुसने नहीं देंगे। उनके काफिले का घेराव किया जाएगा और उनके सामने उनका पुतला फूंका जाएगा।"
भानु दुबे के इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है। बलिया की राजनीति हमेशा से अपने तीखे बयानों और सियासी सक्रियता के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में एक बार फिर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
समाजवादी पार्टीके कई स्थानीय नेताओं ने भी इस मामले में नाराजगी जाहिर की है और कहा है कि पार्टी अपने सांसद के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि पर आरोप लगाए जाते हैं तो उसके समर्थन में साक्ष्य भी होने चाहिए।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ समय से बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। विपक्षी दल अक्सर सरकार और उसके मंत्रियों के बयानों पर सवाल उठाते रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष भी विपक्ष पर पलटवार करता रहा है। इसी क्रम में ओमप्रकाश राजभर का बयान और उसके बाद सपा नेताओं की प्रतिक्रिया अब नया राजनीतिक मुद्दा बन गई है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी चुनावी राजनीति और जनाधार को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी होती है। हालांकि, ऐसे बयानों से राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना भी बनी रहती है।
सपा नेताओं की ओर से विरोध प्रदर्शन और घेराव की चेतावनी दिए जाने के बाद प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। यदि आने वाले दिनों में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का बलिया दौरा प्रस्तावित होता है, तो प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ सकती है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से सपा नेताओं ने खुली चेतावनी दी है, उससे यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बलिया की राजनीति और अधिक गरमा सकती है।
बलिया की धरती एक बार फिर राजनीतिक टकराव की गवाह बन रही है। एक ओर सपा नेता अपने सांसद के सम्मान की लड़ाई की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ओमप्रकाश राजभर इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल, जिले की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके और तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है।
Published on:
21 Jun 2026 12:03 pm
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