
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बोले मुख्यमंत्री-योग भारत की प्राचीन धरोहर, स्वस्थ और विकसित भारत का सशक्त आधार (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
CM Yogi Leads International Yoga Day Event in Jhansi: 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को वीरों की नगरी झांसी में ऐतिहासिक झांसी किला मैदान योगमय हो उठा। खण्डेराव गेट के पास स्थित विशाल मैदान में हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया। इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरा विश्व भारत की योग परंपरा को अपना रहा है और इसके लिए देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi का विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया। उनके प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता प्रदान की और आज दुनिया के लगभग हर देश में योग दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक वर्ष योग दिवस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए स्वयं सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनका निरंतर प्रयास रहा है कि योग केवल एक अभ्यास न रहकर जन-जन के जीवन का हिस्सा बने और पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विद्या से लाभान्वित हो।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के 140 करोड़ नागरिकों की सहभागिता से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का अभियान चल रहा है। इस संकल्प की पूर्ति में स्वस्थ नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है और योग इसके लिए सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ होगा, तो वह अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकेगा और राष्ट्र निर्माण में अधिक प्रभावी योगदान देगा। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की जीवन पद्धति है। यह व्यक्ति को तनाव, अवसाद और अनेक बीमारियों से दूर रखकर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं के लिए योग के माध्यम से पूरी दुनिया में एक नई संभावना और नया क्षेत्र खोल दिया है। आज दुनिया के अनेक देशों में भारतीय योग प्रशिक्षकों की मांग बढ़ रही है। योग अब केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार का भी एक सशक्त साधन बनकर उभरा है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि जितना अधिक हम योग को अपनाएंगे और उसका प्रचार-प्रसार करेंगे, उतना ही यह देश और समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। योग भारत की पहचान है और इसे जन-जन तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को एक नई पहचान देते हुए आयुष मंत्रालय को मजबूत आधार प्रदान किया। आज आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियां पूरे विश्व में सम्मान प्राप्त कर रही हैं।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री भी उनके साथ इस सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में उपस्थित हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि राज्य सरकार योग और आयुष को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, योग प्रशिक्षकों तथा आम नागरिकों ने भाग लिया। ऐतिहासिक झांसी किला मैदान में हजारों लोगों ने एक साथ योगासन कर स्वस्थ जीवन और निरोगी समाज का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण "करें योग, रहें निरोग" और "योग से ही होगा स्वस्थ भारत" के नारों से गूंजता रहा। प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास कर योग के प्रति अपनी आस्था और जागरूकता का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि योग भारत की आत्मा है और यह मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को देगा, तो एक स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण का मार्ग और अधिक प्रशस्त होगा।
वीरभूमि झांसी से दिया गया यह संदेश केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायी रहा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि योग भारत की सांस्कृतिक शक्ति है, जो संपूर्ण विश्व को स्वास्थ्य, शांति और समरसता का मार्ग दिखा रही है।
Updated on:
21 Jun 2026 09:11 am
Published on:
21 Jun 2026 09:11 am
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