
बीएसपी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “शाइस्ता परवीन अभी बसपा पार्टी में हैं। जब तक उन पर दोष सिद्ध नहीं हो जाता है, तब तक वह पार्टी में रहेंगी। उनके प्रति पार्टी की सहानुभूति है। उमेशपाल हत्याकांड में शाइस्ता परवीन फरार चल रही हैं।
बसपा सुप्रीमों मायावती शाइस्ता परवीन को प्रयागराज से मेयर का टिकट देना चाहती थी। लेकिन उमेशपाल हत्याकांड में शाइस्ता परवीन का नाम सामने आने से उनका टिकट काटकर दिया गया। शाइस्ता परवीन अभी भी बसपा की सदस्य हैं।
सपा को बताया बीजेपी की ‘बी’ टीम
उमा शंकर सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बसपा को बीजेपी की 'बी' टीम कहे जाने पर कहा, “उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास बीएसपी को बदनाम करने के अलावा और कोई मुद्दा नहीं है। जब 2017 में प्रदेश में बीजेपी की सरकार आईं तब बीजेपी ने अखिलेश यादव द्वारा कराए गए बड़े महत्वपूर्ण कार्य की जांच प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई और ईडी को सौंपा। जांच एजेंसी ने उसी समय आजम खां के कुछ काम की जांच भी शुरू की। बीजेपी की बी टीम कौन है, इसका खुलासा इसी से हो जाता है कि जांच एजेंसी ने अखिलेश यादव के किसी कार्य की जांच के मामले में एक पर्चा भी नहीं काटा है।'
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“आजम को स्तनाबूद करने का था अखिलेश का लक्ष्य”
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का शुरू से लक्ष्य आजम खान को नेस्तनाबूद करने का था। इसमें वह कामयाब भी हो गये। सिंह ने कहा, 'आखिर सभी जांच एजेंसियां अखिलेश यादव के कार्यों की जांच में शिथिल क्यों पड़ी हुई है। जिस मामले में सपा के प्रमुख महासचिव राम गोपाल यादव के पूरे परिवार का नाम है। उस मामले में एक आरोपी यादव सिंह को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। आज तक राम गोपाल यादव के परिवार से पूछताछ भी नहीं हो रही है। ऐसे में आप ही बताएं कि भाजपा की बी टीम कौन है।'